
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) को 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया है—जिसका सीधा असर सैलरी और पेंशन पर दिखेगा।
कैबिनेट बैठक में हुआ बड़ा फैसला
यह फैसला नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। इस फैसले से करीब 50.5 लाख कर्मचारी और 68.3 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे—यानी करोड़ों लोगों की आय में सीधा इजाफा होगा।
सरकार पर कितना बढ़ेगा बोझ
DA में इस 2% बढ़ोतरी से सरकार पर सालाना करीब ₹6,791 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा। इससे पहले अक्टूबर 2025 में DA को 55% से 58% किया गया था। यानी लगातार बढ़ती महंगाई के बीच सरकार कर्मचारियों की आय को संतुलित रखने की कोशिश कर रही है।
DA क्या है और क्यों जरूरी है?
महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला एक “कॉस्ट ऑफ लिविंग” एडजस्टमेंट होता है। यह बेसिक सैलरी का प्रतिशत होता है, जो महंगाई बढ़ने पर कर्मचारियों की वास्तविक आय को सुरक्षित रखने में मदद करता है—ताकि उनकी खरीद क्षमता प्रभावित न हो।
8वें वेतन आयोग पर बढ़ी उम्मीदें
DA बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब कर्मचारी संगठन NC-JCM के जरिए 8वें वेतन आयोग में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। सबसे बड़ी मांग 3.83 फिटमेंट फैक्टर की है। अगर यह लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹69,000 तक पहुंच सकती है—जो कर्मचारियों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
8वें वेतन आयोग लागू होने तक क्या होगा?
जब तक नया वेतन आयोग लागू नहीं होता, तब तक DA इसी तरह हर छह महीने में बढ़ता रहेगा—जनवरी और जुलाई में। नया आयोग लागू होने पर मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाएगा और DA फिर से जीरो से शुरू होगा—यही हर वेतन आयोग में होता आया है।
सैलरी पर कितना दिखेगा असर
अभी DA बेसिक पे का 60% हो गया है, जिससे कुल सैलरी (बेसिक + DA + HRA) में सीधा इजाफा होगा। हालांकि 8वें वेतन आयोग के बाद जब DA मर्ज होगा, तो सैलरी स्ट्रक्चर बदल जाएगा और शुरुआत में DA हटने से कुल राशि कम दिख सकती है—लेकिन बेसिक बढ़ने से कुल फायदा ज्यादा होगा।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

