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पुराने ट्रकों-बसों में रेट्रोफिटिंग की अनुमति का डॉ. राजीव मिश्रा ने किया स्वागत, प्रदूषण नियंत्रण व स्वच्छ परिवहन की दिशा में बताया दूरदर्शी कदम

04 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
पुराने ट्रकों-बसों में रेट्रोफिटिंग की अनुमति का डॉ. राजीव मिश्रा ने किया स्वागत, प्रदूषण नियंत्रण व स्वच्छ परिवहन की दिशा में बताया दूरदर्शी कदम
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

नई दिल्ली। आईएफईवीए ग्रीन एनर्जी फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राजीव मिश्रा ने पुराने एवं अधिक प्रदूषण फैलाने वाले डीजल ट्रकों और बसों में रेट्रोफिट एमीशन कंट्रोल डिवाइस (RECD) लगाने की अनुमति दिए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का इस पहल के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।


डॉ. राजीव मिश्रा ने कहा कि रेट्रोफिटिंग की अनुमति वाहन प्रदूषण कम करने, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में, जहां बड़ी संख्या में पुराने वाणिज्यिक वाहन अभी भी परिवहन व्यवस्था का हिस्सा हैं, रेट्रोफिटिंग तत्काल प्रदूषण नियंत्रण का व्यावहारिक माध्यम बन सकती है।


पार्टिकुलेट मैटर में 90% और NOx में 60% तक कमी का दावा

डॉ. राजीव मिश्रा के अनुसार, एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट में RECD तकनीक के जरिए पार्टिकुलेट मैटर उत्सर्जन में 90% तक और नाइट्रोजन ऑक्साइडस (NOx) उत्सर्जन में 60% तक कमी की क्षमता का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह तकनीक आईआईटी दिल्ली से जुड़ी भारतीय तकनीकी इनोवेशन पर आधारित है और BS-III, BS-IV तथा पुराने डीजल वाहनों में इसके उपयोग की संभावना है। डिवाइस की अनुमानित लागत ₹4,000 से ₹5,000 प्रति यूनिट बताई गई है। इसके अलावा, तकनीकी एवं परफॉरमेंस स्टैंडर्ड्स निर्धारित करने के लिए AIS-228 के माध्यम से मानकीकरण की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।


स्क्रैपेज का विकल्प नहीं, पूरक समाधान

डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि रेट्रोफिटिंग को व्हीकल स्क्रैप्पेज और रिप्लेसमेंट पॉलिसी का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक उपाय के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन पुराने वाणिज्यिक वाहनों को तत्काल बदलना आर्थिक रूप से कठिन है, उनमें प्रमाणित एमीशन कंट्रोल डिवाइसेज के माध्यम से प्रदूषण को कम किया जा सकता है, जबकि दीर्घकाल में नए, स्वच्छ और जीरो-एमीशन वाहनों की ओर संक्रमण जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेट्रोफिटिंग , स्क्रैपपेज, इलेक्ट्रिफिकेशन और क्लीनर फ्यूल्स जैसे बहुआयामी उपायों को साथ लेकर चलना भारत के लिए अधिक प्रभावी रणनीति हो सकती है। विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में प्रमाणित तकनीकों का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।


केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति व्यक्ति किया आभार

डॉ. राजीव मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी क्या प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है पुराने ट्रकों और बसों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल तकनीक को बढ़ावा देने का निर्णय दूरदर्शी है। यह पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और स्वच्छ परिवहन के लिए महत्वपूर्ण कदम है।


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