
नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में होने वाले चुनाव 3 महीनों के लिए टल सकते है। दरअसल सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बड़ा सरप्राइज देते हुए महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इस प्रस्ताव को लोकसभा में रखा जाएगा। लोकसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, राष्ट्रपति की मुहर के बाद चुनाव आयोग इसका नोटिफिकेशन जारी करेगा। इस पूरी प्रक्रिया में तीन से चार महीने का समय लग सकता है, जिसके चलते मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में होने वाले चुनाव को 3 महीनों के लिए टाला जा सकता है।
महिला आरक्षण के बाद एमपी में ये होंगी सीटों की स्थिति
230 विधानसभा सीट में से 33% आरक्षण के हिसाब से करीब 76 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
एससी-एसटी वर्ग की 82 सीटों में से 27 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
अनुसूचित जनजाति की 47 सीटों में से करीब 15 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
अनुसूचित जाति की 35 सीटों में से करीब 12 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
27 वर्षों से लंबित, कांग्रेस ने किया स्वागत
उधर केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा महिला आरक्षण विधायक को मंजूरी मिलने का कांग्रेस ने भी स्वागत किया है। 12 सितंबर 1996 से सदन के पटल पर रखे जाने से लेकर साल 2010 में राज्यसभा से पास होने तक महिला आरक्षण विधेयक कई बार सदन से ठुकराया गया। साल 1999, 2003, 2004 और 2009 में बल के पक्ष में माहौल नहीं बन सका, लिहाजा यह विधेयक पास नहीं हो सका। सितंबर महीने की 12 तारीख को इस बात को पूरे 27 साल हो गए हैं, जब संसद के पटल पर पहली बार 1996 में महिला आरक्षण बिल रखा गया था।
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