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राम मंदिर में दिखेगी एटा की पहचान, रामलला को तोहफे में दिया 24 किलो का घंटा

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राम मंदिर में दिखेगी एटा की पहचान, रामलला को तोहफे में दिया 24 किलो का घंटा

राम मंदिर में दिखेगी एटा की पहचान, रामलला को तोहफे में दिया 24 किलो का घंटा

News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इसके लेकर देशभर में उल्लास है। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस भव्य मंदिर में जहां सोने के दरवाजे लगाए जा रहे हैं, वहीं अब 2400 किलो वजन का घंटा चर्चा में है। इस खास घंटे को एटा के जलेसरवासियों की तरफ से बुधवार को राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा गया। ऐसे में श्रीराम के भव्य मंदिर में उत्तर प्रदेश के एटा की पहचान भी दिखेगी।

घंटा अष्टधातु का है। दावा किया जा रहा है कि एक ही ढलाई में बने इस घंटे की आवाज दस किलोमीटर तक जाएगी। इसके साथ ही 51 किलो के सात और घंटे भी सौंपे गए। पांच सौ रामभक्तों के साथ आदित्य मित्तल, मनोज, रिशांक, प्रशांत मित्तल आदि अयोध्या पहुंचे। इन लोगों ने कारसेवकपुरम पहुंचकर मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, राजेंद्र सिंह पंकज आदि को सभी घंटे मंदिर के निमित्त सौंपे।

अष्टधातु से निर्मित घंटा में पीतल, कांस्य, तांबा, एल्युमिनियम, लोहा, स्वर्ण, चांदी और जस्ता शामिल हैं। एक निश्चित मात्रा में इन अष्टधातुओं का इस्तेमाल किया गया है। 2400 किलो का घंटा बनने में 21 दिन लगे। पीतल पिघलाकर सांचे में डालने का काम एक दिन में हुआ। इसकी लागत 25 लाख रुपये बताई जा रही है। ये घंटा भगवान रामलला को तोहफे के तौर पर दिया गया है।

वहीं, प्राण प्रतिष्ठा को लेकर चल रही तैयारी के क्रम में मंगलवार को भगवान श्री राम मंदिर में सोने का पहला दरवाजा लगाया गया। ऐसे 13 और सोने के दरवाजे तीन दिनों में लग जाएंगे। इन दरवाजों को खास तरीके से डिजाइन किया गया है। इन पर पुरातन शैली में नक्काशी की गई है। इन दरवाजों पर हाथी, कमल दल, झरोखे और अन्य डिजाइन बने हैं।

राम मंदिर परिसर में कुल 44 दरवाजे लगाए जा रहे हैं। इनमें से 14 दरवाजे स्वर्ण जड़ित होंगे। लकड़ी के दरवाजों के हैदराबाद की कंपनी अनुराधा टिंबर तैयार कर रही है। वहीं, इन पर दिल्ली और गाजियाबाद के स्वर्णकार सोने की परत चढ़ा रहे हैं। इनमें महाराष्ट्र की सागौन की लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन लकड़ियों की आयु हजारों साल होती है।

राम मंदिर में लग रहा स्वर्ण जड़ित दरवाजों पर लगभग 50 किलो सोने का इस्तेमाल किया जा रहा है। दरवाजे लगाए जाने के काम के दौरान सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किया गए हैं। राम मंदिर के गर्भगृह में कुल 18 दरवाजे लगाए जाएंगे। इनमें से 14 दरवाजों पर ही सोने की परत चढ़ाई जाएग, बाकि चार दरवाजों सोने की परत नहीं होगी।

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