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एक्सपर्ट्स ने बताया इस समय आजाएगा भारत में कोरोना का पीक

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एक्सपर्ट्स ने बताया इस समय आजाएगा भारत में कोरोना का पीक

एक्सपर्ट्स ने बताया इस समय आजाएगा भारत में कोरोना का पीक

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डेस्क रिपोर्टर

नई दिल्ली, न्यूज वर्ल्ड डेस्क। देश में तीसरी लहर कहर बरपा रही है हालांकि वायरस की क्षमता दूसरी लहर की तरह ज्यादा घातक नहीं है,लेकिन तीसरी लहर में इसकी तीव्रता ज्याता है। देश में कोरोना के मरीज बहुत तेजी के साथ बढ रहे हैं। शुक्ररवार को पूरे देश में 2 लाख 67 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किये गए हैं। गुरुवार के मुकाबले ये आंकड़ा 6.7 फीसदी ज्यादा है। भारत में कोरोना की संक्रमण दर 14.78 फीसदी पहुंच गई है। इसके साथ ही छोटे शहरों में भी तेजी के साथ संक्रमण फैलने लगा है।  हर व्यक्ति ये जानना चाहता है कि कब कोरोना पीक पर होगा और कब कोरोना के मामले घटने लगेंगे।


जनवरी के आखिर में पीक पर होगी तीसरी लहर
कई एक्सपर्ट का कहना है कि जैसे-जैसे पॉजिटिविटी रेट बढ़ता जायेगा वैसे-वैसे कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ेगा। आने वाले समय में इस पॉजिटिविटी रेट से भी डबल पॉजिटिव रेट देखने मिल सकते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि जिस तेजी के साथ मामले बढ़ रहे हैं उस हिसाब से इसकी पीक भी जल्द देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के प्रथम सप्ताह में कोरोना पीक पर हो सकता है। इसके अलावा मार्च के महिने में कोरोना के मामलो में गिरावट देखी जा सकती है। एक्सपर्ट ये भी कह रहे हैं कि इस पीक में कई सारे लोग संक्रमित होंगे।

तीसरी लहर का पीक पर जाना बेहद खतरनाक
कई एक्सपर्ट का ये भी मानना है कि तीसरी लहर का पीक पर जाना काफी खतरनाक होगा। उनके अनुसार पिछले कुछ दिनों के मुकाबले अब अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढने लगी है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पॉजिटिविटी सीट में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। अब यह बीमारी उन लोगों में ज्यादा हो रही है जिन लोगों में comorbidity की समस्या है। ऐसे में ये आवश्यक हो जाता है कि हम सब मिलकर सावधानी बरतें और लापरवाही न करें। क्योंकि जरा सी भी लापरवाही घातक हो सकती है।
 
उन लोगों को ज्यादा खतरा जो वेक्सीनेटिड नहीं : एक्सपर्ट
एक्सपर्ट का कहना है कि जिस किसी को अभी तक कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ है या फिर जिन्होने वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है या फिर सिर्फ एक ही डोज ली है तो ये लापरवाही खतरनाक हो सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि देश और दुनिया में कोरोना के टीकों और मौतों को लेकर चला आ रहा ट्रेंड ये बताता है कि वैक्सीन नए वैरिएंट ऑमिक्रॉन को लेकर भले ही उतनी प्रभावी ना हो लेकिन अगर आपको वैक्सीन की दोनो डोज लगी हो तो संक्रमण होने पर वैक्सीन गंभीर बीमारी के लिए ना केवल सुरक्षा कवच दे रही है बल्कि मोतों को भी रोक रही है। ये भी कहना है कि वैक्सीन लगी है और फिर भी संक्रमण हो गया तो वो माइल्ड इंफेंक्शन होगा। इसलिए वैक्सीन जरुर लगवायें।

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