
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट संसद में पेश करेंगी। लोकसभा चुनाव से पहले गुरुवार को पेश किए जाने वाले आखिरी और अंतरिम बजट में वित्त मंत्री मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़े ऐलान कर सकती हैं। सरकार न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खर्च बढ़ाने की तैयारी में है बल्कि ऐसी योजनाओं का ऐलान कर सकती है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। वित्त मंत्री के बजट भाषण में पीएम मोदी की गारंटी का जिक्र भी प्रमुखता से किया जाएगा। पीएम मोदी ने कई बार अपने भाषणों में देश के विकास की गारंटी दी है।
हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद यह स्पष्ट कर दिया है कि वह नई सरकार बनाने के बाद पूर्ण बजट लेकर आएंगे। ऐसे में यह अंतरिम बजट होगा। आगामी महीनों में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में इस बात की संभावना है कि सरकार कुछ लोक-लुभावन घोषणा कर सकती है। मिडिल क्लास की नजर आयकर स्लैब पर टिकी हुई हैं। वहीं, गरीबों को भी काफी उम्मीदें हैं।
आयुष्मान भारत का बीमा कवर बढ़ेगा
सरकार देश की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत योजना के तहत बीमा कवर दोगुना यानी दस लाख रुपये कर सकती है। अंतरिम बजट में इसका ऐलान हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो सीधे देश के 12 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा। सरकार बीमा कवर इसलिए दोगुना करने पर विचार कर रही है, क्योंकि कैंसर और प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों पर अधिक पैसे खर्च होते हैं।
बचत खाते पर कर में राहत संभव
बैंक के बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज पर एक वित्तीय वर्ष में मिलने वाली कर रहित ब्याज की सीमा 10 हजार रुपये से अधिक हो सकती है। इस नियम के तहत साल भर में 10 हजार रुपये तक अर्जित ब्याज को करमुक्त माना जाता है। अनुमान है कि सरकार लोगों को राहत देने के उद्देश्य से इस सीमा को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर सकती है।
आयकर दाताओं को भी राहत की आस
कर मोर्चे पर भी नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मानक कटौती की सीमा को बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल मानक कटौती के तहत 50,000 रुपये की छूट है। वहीं, पुरानी कर व्यवस्था के स्लैब और दर में 2014 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आयकर दाता इसमें राहत पाने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, नई कर व्यवस्था को आकर्षक बनाने के लिए मेडिक्लेम के प्रीमियम के भुगतान पर कटौती का लाभ दिया जा सकता है।
एनपीएस में निश्चित पेंशन का ऐलान संभव
ऐसी उम्मीदें हैं कि सरकार राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) को आकर्षक बनाने के लिए संभवतः बजट में कुछ बड़ी घोषणा कर सकती है। इसके तहत एनपीएस में भी निश्चित पेंशन की व्यवस्था की जा सकती है। इसमें कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय आखिरी वेतन का 40 से 45 फीसदी पेंशन के रूप में दिया जा सकता है। इस बारे में एक उच्चस्तरीय समिति भी बनाई गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। उल्लेखनीय है कि पंजाब, राजस्थान समेत कुछ राज्यों में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की गई है। इसको देखते हुए अन्य राज्यों और केंद्रीय कर्मचारी भी पुरानी पेंशन लागू करने की मांग कर रहे हैं।
आयकर और कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में उछाल
मौजूदा वित्त वर्ष में आयकर और कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में उछाल दिख रहा है। ऐसे में कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन बजट अनुमान से लगभग एक लाख करोड़ रुपये अधिक रह सकता है। सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए डायरेक्ट टैक्सेज से 18.23 लाख करोड़ रुपये जुटाने का बजट लक्ष्य रखा था। इस मद में 10 जनवरी, 2024 तक टैक्स संग्रह 14.70 लाख करोड़ रुपये हो चुका था, जो बजट अनुमान का करीब 80 फीसदी है। अभी वित्त वर्ष पूरा होने में दो महीने से अधिक का समय बाकी है। साथ ही जीएसटी के मोर्चे पर केंद्रीय जीएसटी राजस्व 8.1 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से लगभग 10,000 करोड़ रुपये अधिक होने की उम्मीद है।
बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा के लिए ऐलान संभव
देश में प्रदूषण को घटाने के लक्ष्य से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार एक बार फिर से फेम योजना के तहत दी जाने वाली रकम का ऐलान कर सकती है। ये योजना इसी वित्तवर्ष में 31 मार्च को खत्म हो रही है। कारोबरियों की तरफ से लंबे समय से इसको बढ़ाने की मांग की जा रही है। लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने वाले ऐलानों के साथ-साथ राम मंदिर और देश के दूसरे हिस्सों से जुड़े खास पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी केंद्र की तरफ से सब्सिडी जैसे प्रावधान किए जा सकते हैं।
एक्सीडेंटल इंश्योरेंस स्कीम की घोषणा संभव
बजट में सरकार की तरफ से घर खरीदने पर टैक्स में छूट का दायरा बढ़ाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। वहीं पेट्रोल, डीजल से केंद्र सरकार के टैक्स का हिस्सा भी घटाए जाने के आसार हैं। यही नहीं, केंद्र सरकार जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों के लिए एक्सीडेंटल इंश्योरेंस स्कीम का ऐलान कर सकती है। इसके अलावा कुल कार्यबल में महिलाओं का हिस्सा और बढ़े, इसके लिए सरकार महिलाओं से जुड़े स्वयं सहायता समूह को आवंटित की जाने वाली राशि की रकम में भी इजाफा कर सकती है।
वित्त मंत्री के बजट भाषण में पीएम मोदी की गारंटी का जिक्र भी प्रमुखता से किया जाएगा। पीएम मोदी ने कई बार अपने भाषणों में देश के विकास की गारंटी दी है। ऐसे में वित्तमंत्री का बजट भाषण भी उसी लाइन पर रहने का अनुमान है। साथ ही सरकार के ऐलानों में मध्यम वर्ग, किसानों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों समेत मतदाताओं के बड़े वर्ग को आकर्षित करने वाली योजनाएं पेश की जा सकती हैं। सरकार का लक्ष्य रहेगा कि वो लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए रकम किस तरह से बढ़ा सके, ताकि आर्थिक चक्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिले।
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