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एक माचिस की डिबिया के कारण हुआ था जनरल रावत का NDA में सिलेक्शन, पढ़िए यह अनसुनी कहानी

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एक माचिस की डिबिया के कारण हुआ था जनरल रावत का NDA में सिलेक्शन, पढ़िए यह अनसुनी कहानी
News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। बुधवार 8 दिसंबर को तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुन्नूर इलाके में इंडियन एयर फोर्स का MI-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हेलीकॉप्टर में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों सवार थे। इन सभी लोगो की दुर्घटना में मौत हो गई। आज सैन्य विमान से जनरल रावत और उनकी पत्नी का पार्थिव शरीर दिल्ली लाया जाएगा और कल यहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 


जनरल रावत मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले है। बचपन से ही उनका सपना था भारतीय सेना में शामिल होना। जनरल रावत से जुड़े कई सारे ऐसे किस्से है, लोग जिन्हें याद कर रहे है। उनका नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में सेलेक्शन का एक ऐसा ही किस्सा है, जिसके बारे में एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद बताया था। 

नेशनल डिफेंस एकेडमी में एंट्री का किस्सा
जनरल रावत ने ने बताया था, NDA की लिखित परीक्षा पास करने के बाद उन्हें इंटरव्यू के लिए हैदराबाद बुलाया गया था। यहां 4 से 5 दिनों की सख्त ट्रेनिंग के बाद फाइनल इंटरव्यू था। इंटरव्यू के दौरान ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारियों ने उनसे उनकी हॉबी पूछी, जनरल रावत ने बताया कि उन्हें ट्रैकिंग बहुत शौक है। यह सुन कर इंटरव्यू लेने वाले एक अधिकारी ने पूछा यदि उन्हें 4 से 5 दिनों की ट्रैकिंग पर कहीं भेजे तो आप एक सबसे महवपूर्ण चीज़ क्या लेकर अपने साथ जाएंगे? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, वो अपने साथ माचिस लेकर जाएंगे। माचिस का सुन कर अधिकारियों इसका कारण पूछा, तो उन्होंने कहा कि इससे वो बहुत सारे काम कर सकेंगे। आदिकाल में जब इंसान जंगल में रहता था तो उसने आग की खोज सबसे पहले की थी, इस कारण उनके लिए माचिस सबसे जरूरी है। उनका यह जवाब सुन कर सभी लोग उनसे प्रभावित हुए थे। 

2015 में भी जनरल के हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था
बहुत कम लोग ही यह जानते है कि साल 2015 में भी जनरल रावत इसी तरह की एक दुर्घटना के शिकार हो चुके है। नागालैंड में एक ऑपरेशन के दौरान उनका हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था। उस समय जनरल रावत नागालैंड में पोस्टेड थे। जो हेलीकॉप्टर उस समय क्रैश हुआ था उसका नाम चीता है, यह भी काफी आधुनिक हेलीकॉप्टर माना जाता है। हादसा इतना खतरनाक था की लोगो को लगा कि वो सुरक्षित नहीं बच पाएंगे, लेकिन हादसे के बाद हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में वो बाल-बाल बच गए थे।

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