
मुंबई, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। हनुमान चालीसा के पाठ को लेकर विवादों में फंसने के बाद गिरफ्तार हुई निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को आज (4 मई) जमानत मिल गई। हालांकि, दंपति को आज जेल से रिहा नहीं किया जाएगा, क्योंकि उनकी रिहाई के आदेश संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत से समय पर प्राप्त नहीं किए जा सके। उनकी टीम कल सुबह अदालत से रिहाई के आदेश प्राप्त करेगी और उसके बाद भायखला और तलोजा जेलों में जाएगी।
दंपति को 23 अप्रैल को मुंबई पुलिस ने बांद्रा इलाके में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पढ़ने की सार्वजनिक घोषणा के बाद गिरफ्तार किया था। उन पर देशद्रोह और दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप सहित आईपीसी के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।
बुधवार को विशेष न्यायाधीश आर एन रोकाडे ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने कहा कि जमानत पर रहते हुए आवेदक इस तरह का अपराध नहीं करेंगे और मामले से संबंधित किसी भी विषय पर प्रेस को संबोधित नहीं करेंगे। दंपति ने अधिवक्ता रिजवान मर्चेंट और अबाद पोंडा के माध्यम से दायर अपनी जमानत याचिका में दावा किया था कि मुख्यमंत्री के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने का आह्वान शत्रुता या घृणा की भावनाओं को बढ़ावा देना नहीं कहा जा सकता है और आईपीसी की धारा 153 (ए) के तहत आरोप कायम नहीं रह सकता। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की कल्पना से आवेदकों के कृत्यों को देशद्रोह का अपराध नहीं कहा जा सकता है।
विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घरात के प्रतिनिधित्व वाली पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि इसमें दंपत्ति की योजना निर्दोष दिखती है, लेकिन वास्तव में यह सत्तारूढ़ सरकार को चुनौती देने की एक बड़ी साजिश थी। पुलिस ने दावा किया कि राज्य में विपक्षी भाजपा और ठाकरे के राजनीतिक विरोधी यह दिखाने के लिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे कि मुख्यमंत्री हिंदुओं के खिलाफ है।
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