शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026
Logo
National

केदारनाथ में चकरघिन्नी बना हेलिकॉप्टर ; पायलट की सूझबूझ से 6 यात्रियों की बची जान, लोग बोले- बाबा केदार की रही कृपा

24 मई, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
केदारनाथ में चकरघिन्नी बना हेलिकॉप्टर ; पायलट की सूझबूझ से 6 यात्रियों की बची जान, लोग बोले- बाबा केदार की रही कृपा

केदारनाथ में चकरघिन्नी बना हेलिकॉप्टर ; पायलट की सूझबूझ से 6 यात्रियों की बची जान, लोग बोले- बाबा केदार की रही कृपा

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

उत्तर प्रदेश के केदारनाथ धाम में शुक्रवार (24 मई) को बड़ा हादसा टल गया। तकनीकी खराबी के चलते हेलिकॉप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उसमें 6 यात्री सवार थे। हालांकि पायलट ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए सुरक्षित हेलिकॉप्टर को लैंड कराया। सभी यात्री सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि बाबा केदार ने ही उन्हें बचाया है, वरना एक समय सबकी सांस अटक गई थी। घटना का वीडियो सामने आया है। 

सुबह 7 बजे की घटना
रुद्र प्रयाग के आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि सिरसी हेलीपैड से एक हेलिकॉप्टर 6 यात्रियों को लेकर श्री केदारनाथ धाम जा रहा था। यह हेलिकॉप्टर केस्ट्रेल एविएशन कंपनी का था। लेकिन अचानक कुछ तकनीकी समस्या आ गई। इस कारण सुबह लगभग 7.05 बजे श्री केदारनाथ धाम के हेलीपैड से लगभग 100 मीटर पहले हेलिकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।

वीडियो में देखा जा सकता है कि हेलिपैड के ऊपर हेलिकॉप्टर हवा में गोल-गोल घूमने लगा। यह देख हेलीपैड के पास मौजूद लोग बचने के लिए भागने लगे। हेलिकॉप्टर के पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। लेकिन सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना की सूचना पाकर डीजेसीए के अधिकारियों ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। 

10 मई को शुरू हुई चारधाम यात्रा
इस साल चार धाम यात्रा 10 मई को शुरू हुई है। उसी दिन गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट खुले। बद्रीनाथ के कपाट 12 मई को खुले। चार धाम यात्रा का हिंदू धर्म में गहरा आध्यात्मिक महत्व है। यह यात्रा आम तौर पर अप्रैल-मई से अक्टूबर-नवंबर तक होती है।

ऐसा माना जाता है कि चार धाम यात्रा को दक्षिणावर्त दिशा में पूरा करना चाहिए। इसलिए, तीर्थयात्रा यमुनोत्री से शुरू होती है, गंगोत्री की ओर बढ़ती है, जो केदारनाथ तक जाती है और अंत में बद्रीनाथ पर समाप्त होती है। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के कारण, उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए आने वाले सभी तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन पंजीकरण बंद होने से अब श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही चारधाम यात्रा पर आ सकते हैं।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें