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HMPV वायरस बच्चों और बुजुर्गों के लिए है खतरे की घंटी, विशेषज्ञों ने दी यह सलाह

07 जन, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
HMPV वायरस बच्चों और बुजुर्गों के लिए है खतरे की घंटी, विशेषज्ञों ने दी यह सलाह

HMPV वायरस बच्चों और बुजुर्गों के लिए है खतरे की घंटी, विशेषज्ञों ने दी यह सलाह

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। देश में मलेशिया और चीन के बाद ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के सात मामले सामने आए हैं। सोमवार को इस वायरस को लेकर राजधानी भोपाल में भी चर्चा तेज रही। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य विभाग को वायरस से संबंधित मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस कोरोना जितना खतरनाक नहीं है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों के लिए सावधानी जरूरी है।


बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए ख़तरनाक

HMPV वायरस मुख्य रूप से 14 साल से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को प्रभावित करता है।

यह वायरस पहली बार 2001 में नीदरलैंड में खोजा गया था।

संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने या उसके इस्तेमाल की हुई चीज़ों को छूने से यह फैलता है।

यह जांच आरटीपीसीआर तकनीक से की जाती है, जो एम्स भोपाल में उपलब्ध है।


फ्लू जैसा वायरस, लेकिन नियंत्रित हो सकता है

HMPV वायरस सामान्य फ्लू वायरस की तरह ही काम करता है और ठंड के मौसम में ज्यादा सक्रिय हो जाता है।

डॉक्टरों के अनुसार, ठंड में रिपोर्ट होने वाले फ्लू के मामलों में 1% HMPV के होते हैं।

यदि समय पर इलाज कराया जाए तो मरीज 4-5 दिनों में स्वस्थ हो सकता है।

हालांकि, सीओपीडी, टीबी या फेफड़ों की अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।


स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निगरानी के आदेश

स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने HMPV के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने मेडिकल कॉलेजों को प्री-प्रोटेक्शन प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में पेश करने के लिए कहा है।

वायरस की स्थिति पर सख्त निगरानी रखने और प्रभावी कदम उठाने के भी आदेश दिए गए हैं।


HMPV से बचाव के उपाय

हाइड्रेशन: मरीज को भरपूर पानी पिलाएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।

आराम: मरीज को पर्याप्त आराम करना चाहिए ताकि उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर काम कर सके।

दवाएं: दर्द और सांस की समस्याओं के लिए डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाएं लें।

गंभीर मामलों में ऑक्सीजन: जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा सकता है।


डॉक्टरों की सलाह

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वायरस अभी गंभीर खतरा नहीं है, लेकिन इससे जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सामान्य फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर समय पर इलाज कराना चाहिए।

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