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CDS बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर कैसे हुआ था हादसे का शिकार? रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा!

20 दिस, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
CDS बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर कैसे हुआ था हादसे का शिकार? रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा!

CDS बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर कैसे हुआ था हादसे का शिकार? रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा!

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत और उनके 12 सहयोगियों की मौत से संबंधित MI-17V5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना के तीन साल बाद, संसदीय पैनल ने इस दुर्घटना को "मानवीय भूल" का परिणाम बताया है। यह दुर्घटना 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुई थी, जिसमें जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और अन्य 11 सशस्त्र बल कर्मियों की जान चली गई।


संसदीय पैनल की रिपोर्ट में दुर्घटना के कारण को मानवीय भूल बताया गया है, और यह भी कहा गया कि भारतीय वायुसेना द्वारा उठाए गए सुधारात्मक उपायों को अब बाध्यकारी रूप से लागू किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।


रिपोर्ट में क्या लिखा है?

मंगलवार को संसद में पेश की गई रिपोर्ट में रक्षा मामलों की स्थायी समिति ने 2021-22 और 2018-19 के दौरान भारतीय वायुसेना की विमान दुर्घटनाओं के आंकड़े साझा किए। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 34 विमान दुर्घटनाओं का उल्लेख किया गया, जिनमें 2021-22 में 9 दुर्घटनाएं और 2018-19 में 11 दुर्घटनाएं शामिल हैं।


इस रिपोर्ट में Mi-17V5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना का भी विवरण दिया गया, जो 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुई थी। दुर्घटना का कारण "मानवीय भूल (एयरक्रू)" बताया गया है। यह हेलीकॉप्टर वायुसेना के प्रमुख अधिकारी जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत, और अन्य 11 सशस्त्र बल कर्मियों को लेकर यात्रा कर रहा था, जब यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।


रिपोर्ट में आगे क्या कहा गया है?

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि दुर्घटनाओं की जांच के दौरान मंत्रालय ने यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रक्रिया, कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण, उपकरण, संस्कृति, संचालन, रखरखाव और प्रशासन की समग्र समीक्षा की जाए।

इसके अलावा, मंत्रालय ने बताया कि वायुसेना प्रमुख द्वारा निर्धारित सभी सुधारात्मक उपाय अब बाध्यकारी हैं, और इन उपायों के कार्यान्वयन की प्रक्रिया चल रही है। अधिकांश सुधारात्मक उपायों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि कुछ उपाय अभी कार्यान्वयन के अधीन हैं।

रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि दुर्घटना का कारण मानवीय भूल थी, और इसे रोकने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

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