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यदि आप ने भी राजनीतिक चंदे पर टैक्स छूट ली है तो सतर्क हो जाएं!

30 जन, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
यदि आप ने भी राजनीतिक चंदे पर टैक्स छूट ली है तो सतर्क हो जाएं!

यदि आप ने भी राजनीतिक चंदे पर टैक्स छूट ली है तो सतर्क हो जाएं!

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। अगर आपने राजनीतिक दल को चंदा देकर आयकर रिटर्न में टैक्स छूट का लाभ उठाया है, तो अब सावधान रहने की जरूरत है। आयकर विभाग ऐसे करदाताओं को अलर्ट मैसेज भेज रहा है और जरूरत पड़ने पर दान की रसीद और बैंक स्टेटमेंट जमा करने के लिए कहा जा सकता है। यह जरूरी नहीं कि चंदा फर्जी हो, लेकिन अब इसकी सटीक जानकारी देना अनिवार्य होगा।


आयकर विभाग की सख्ती, तीन साल के रिकॉर्ड की जांच

विभाग ने ग्वालियर रीजन समेत पूरे मध्य प्रदेश में 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के लिए हजारों करदाताओं को अलर्ट मैसेज भेजे हैं। इसमें यह चेतावनी दी गई है कि अगर किसी ने गलत तरीके से छूट ली है, तो रेक्टिफिकेशन अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर बकाया टैक्स जमा करें।


किन चंदों पर शक, क्यों भेजा जा रहा अलर्ट?

धारा 80GGC के तहत राजनीतिक दलों को दिए गए चंदे पर टैक्स छूट मिलती है। हालांकि, कई छोटे और अपंजीकृत राजनीतिक दलों पर मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के संदेह के चलते जांच की जा रही है। ऐसे दलों को चंदा देने वाले करदाताओं को भी संदेह के दायरे में लिया गया है।


कैसे काम करता है टैक्स बचाने का यह तरीका?

अगर कोई व्यक्ति 7 लाख रुपये सालाना कमाता है और उसने 2 लाख रुपये किसी राजनीतिक दल को दान में दिए, तो आयकर विभाग इसे 5 लाख रुपये की नेट इनकम मानेगा। ऐसे में उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा और करीब 50,000 रुपये की बचत होगी।


अगर चंदा संदिग्ध निकला, तो क्या होगा?

चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज शर्मा के मुताबिक, आयकर विभाग की नजर अब उन करदाताओं पर है, जिन्होंने इस छूट का फायदा उठाया है। अगर किसी को विभाग से नोटिस आता है, तो उसे दान की रसीद, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज जमा करने होंगे। गलत जानकारी देने पर टैक्स के साथ पेनाल्टी और ब्याज भी चुकाना पड़ सकता है।


अब क्या करें?

अगर आपने राजनीतिक चंदे पर टैक्स छूट ली है, तो पहले अपनी रसीदें और दस्तावेज तैयार रखें।

संदेहास्पद दलों को दिए गए चंदे की दोबारा जांच करें।

आयकर विभाग से कोई नोटिस मिलने पर तत्काल जवाब दें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं।

गलत तरीके से ली गई छूट पर खुद ही अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर टैक्स चुका दें, ताकि बाद में पेनाल्टी और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।


आयकर विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि अब राजनीतिक चंदे के नाम पर टैक्स बचाने की योजना इतनी आसान नहीं रह गई है। इसलिए सतर्क रहें और किसी भी संदेहास्पद लेन-देन से बचें!

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