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मौसम अलर्ट: 90KM/H की रफ्तार से आएगा तूफान, कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि का खतरा

01 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मौसम अलर्ट: 90KM/H की रफ्तार से आएगा तूफान, कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि का खतरा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और खतरनाक हवाओं को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।


कई राज्यों में आंधी-तूफान का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य और आसपास के पूर्वी भारत के हिस्सों में तेज गर्जना के साथ आंधी-तूफान देखने को मिल सकता है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में धूलभरी आंधी और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। सबसे ज्यादा चिंता राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश को लेकर जताई गई है, जहां हवाओं की रफ्तार 70 से 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।


इन राज्यों में ओलावृष्टि की भी आशंका

बारिश के साथ कई इलाकों में ओले गिरने की संभावना भी बनी हुई है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और लगातार अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।


लू से मिली राहत, लेकिन गर्मी फिर बढ़ेगी

अच्छी खबर यह है कि फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में लू का असर कम हुआ है। हालांकि राहत ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं दिख रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान अगले कुछ दिनों में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। वहीं मध्य और पूर्वी भारत में भी तापमान धीरे-धीरे ऊपर जाने की संभावना है।


बिहार में फिर लौट सकती है लू

जहां एक तरफ बारिश राहत लेकर आ रही है, वहीं बिहार के लिए अलग चेतावनी जारी की गई है। IMD के अनुसार 4 से 6 जून के बीच राज्य के कई हिस्सों में दोबारा लू चल सकती है। ऐसे में लोगों को गर्मी और बदलते मौसम दोनों से सतर्क रहने की जरूरत होगी।


मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, दक्षिण भारत में भारी बारिश के संकेत

दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 से 4 दिनों में मानसून के अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के अधिक हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके चलते दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। तमिलनाडु, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तटीय कर्नाटक में अगले सप्ताह भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।


पूर्वी भारत में जारी रहेगा बारिश का दौर

ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। इससे तापमान में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं का जोखिम बना रहेगा।


मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज

कुछ दिन पहले तक भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे मध्य प्रदेश में अब मौसम पूरी तरह बदल गया है। प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने से कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। रविवार को प्रदेश के कई इलाकों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया।


इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने धार, खरगौन, झाबुआ, अलीराजपुर, इंदौर, बड़वानी, खंडवा, हरदा, बुरहानपुर, बैतूल और छिंदवाड़ा में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इनमें धार और खरगौन में हवा की रफ्तार 70 से 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।


108 स्थानों पर हुई बारिश, सीहोर में चली 94KM/H हवा

पिछले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के 108 स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई। अमरकंटक में सबसे ज्यादा 68.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा भैंसदेही में 47 मिमी और उदयगढ़ में 31.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं का असर भी देखने को मिला। सीहोर में हवा की रफ्तार 94 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे कई घंटों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। भोपाल में 70 किमी, आगर में 68 किमी, राजगढ़ में 54 किमी तथा नीमच, गुना, अशोकनगर और धार में भी 50 किमी प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलीं।


किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को फसलों और बागवानी फसलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं, बारिश और संभावित ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।


फिलहाल देश का मौसम तेजी से बदल रहा है। एक तरफ लू से राहत मिली है तो दूसरी तरफ तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बढ़ गया है। आने वाले कुछ दिन कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं, इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

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