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शिशु मृत्यु दर के मामले में मप्र की स्थिति राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उप्र से भी खराब

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शिशु मृत्यु दर के मामले में मप्र की स्थिति राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उप्र से भी खराब
News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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भोपाल, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। शिशु मृत्यु दर के मामले में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उप्र की स्थिति मप्र से बेहतर हैं। पिछली रिपोर्ट की तुलना में केरल और दिल्ली ने इस मामले में अपनी स्थिति में अच्छा सुधार किया है। वर्ष 2014 में केरल में प्रति 1000 पर शिशु मृत्यु दर 12 थी, जो वर्ष 2019 में घटकर 6 पर आ गई। इसी तरह दिल्ली में वर्ष 2014 में शिशु मृत्यु दर 20 थी, जो वर्ष 2019 में घटकर 11 रह गई। लेकिन मप्र में शिशु मृत्यु दर को कम करने के मामले में उतने सार्थक परिणाम नहीं रहे। मप्र में वर्ष 2014 में शिशु मृत्यु दर प्रति 1000 पर 52 थी, जो वर्ष 2019 में महज 46 तक की घट सकी। यह खुलासा नमूना पंजीकरण प्रणाली एसआरएस की रिपोर्ट में किया गया है।


मप्र के ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 पर 50 है मृत्यु दर
चौंकाने वाली बात तो यह हैं कि देश में शिशु मृत्यु दर प्रति 1000 पर 30 है। जबकि मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शिशु मृत्यु दर प्रति 1000 पर 50 हैं और शहरी क्षेत्र में प्रति 1000 पर 32 हैं। SRS रिपोर्ट के मुताबिक मप्र में लड़कों की मृत्यु दर लड़कियों की तुलना में अधिक हैं। प्रति 1000 लड़कों पर शिशु मृत्यु दर 49 है,जबकि प्रति 1000 लड़कियों पर शिशु मृत्यु दर 42 हैं। 

स्वास्थ सेवा में कमजोर उड़ीसा और आसाम मप्र से बेहतर
SRS की रिपोर्ट के मुताबिक शिशु मृत्यु दर की रोकथाम करने के मामले में बिहार, आंध्र प्रदेश, जम्मू कश्मीर और पश्चिम बंगाल में ठीक-ठाक सुधार देखा गया। केरल ने भी शिशु मृत्यु दर की रोकथाम करने के मामले में पिछले 5 साल की अवधि में बेहतर प्रदर्शन किया हैं। आश्चर्यजनक बात तो यह है कि देश में स्वास्थ सेवा के क्षेत्र में कमजोर समझे जाने वाले राज्य उड़ीसा, असम भी शिशु मृत्यु दर के मामले में मध्य प्रदेश से बेहतर देखे गए। 

मप्र में जन्म दर 6.6 फीसदी
SRS रिपोर्ट में एक और खुलासा किया गया है कि, देश में सर्वाधिक 7.3 फीसदी जन्म दर छत्तीसगढ़ में हैं। बिहार में जन्म दर 25.8 और उत्तर प्रदेश में 25.4 फीसदी हैं। जबकि मप्र में जन्म दर 6.6 फीसदी दर्ज हुई।  देश में भी जन्म दर में कमी दर्ज हुई हैं। पिछले एक दशक में राष्ट्रीय स्तर पर जन्म दर 7.3 से घटकर 6 फीसदी पर पहुंच गई।

महत्वपूर्ण पॉइंट्स
  1. मप्र में शिशु मृत्यु दर प्रति 1000 पर 46 हैं।
  2. नमूना पंजीकरण प्रणाली की रिपोर्ट में हुआ शिशु मृत्यु दर के आंकड़ों का खुलासा।
  3. रिपोर्ट के मुताबिक मप्र में लड़कों की मृत्युदर लड़कियों की तुलना में ज्यादा।
  4. शिशु मृत्यु दर के मामले में केरल और दिल्ली ने पिछली बार की तुलना में सुधार किया।
  5. केरल में शिशु मृत्यु दर वर्ष 2014 में 12 थी, वर्ष 2019 में 6 रह गई।
  6. दिल्ली में शिशु मृत्यु दर वर्ष 2014 में 20 थी, वर्ष 2019 में 11 रह गई।
  7. मप्र में शिशु मृत्यु दर वर्ष 2014 में 52 थी, वर्ष 2019 में महज 46 तक पहुंची।

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