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डेस्क रिपोर्टर
नई दिल्ली, न्यूज वर्ल्ड डेस्क। भारत में बीते दो महीने के अंदर अंदर तीन ऐसी घटनाएं सामने आई है, जिसमें पायलटों को बीच उड़ान में ही विमान का एक इंजन बंद करना पड़ा। हालाकि इन तीनों ही मामलों में विमान सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतारे गए। जिसके बाद एविएशन रेग्युलेटर डीजीसीए ने इन घटनाओं की जांच शुरू कि। वहीं ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिन तीन विमानों में ये नौबत सामने आई, उनमें एक ही कंपनी यानी CFM के इंजन लगे हुए थे। सीएफएम (CFM) अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक और फ्रांस की साफरान एसए का जॉइंट वेंचर है।
बतादें कि, घटनाक्रम में जो लोग शामिल थे उनके हवाले से ब्लूमबर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि, चलती हुई फ्लाइट के बीच में इंजन बंद करने की घटनाएं जिन विमानों से सामने आई, उनमें से दो एयर इंडिया और एक स्पाइसजेट का था। फ्लाइट्स को ट्रैक करने वाली बेवसाइट Flightradar24.com के अनुसार, बीच उड़ान में इंजन को बंद करने के एक हालिया घटना गुरुवार को हुई थी।
इसमें एयर इंडिया की फ्लाइट मुंबई से बेंगलुरू की ओर जा रही। जिसके बाद इस फ्लाइट के उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही इसे वापस मुंबई लाकर उतारना पड़ा था। इस विमान में ए320 नियो इंजन लगा हुआ था। वहीं इससे पहले 3 मई को स्पाइसजेट के 737 मैक्स विमान को चेन्नई से उड़ने के कुछ मिनटों के बाद उसे वापस बुलाना पड़ गया था।
सीएफएम कंपनी दुनिया में बोइंग 737 विमानों के इंजन को ही सप्लाई करती हैं। यह ए320 नियो इंजन की आपूर्ति करने वाली दो कंपनियों में से भी एक है।
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