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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य के बीच एमओयू, जानें क्या खास…

20 मार्च, 2026 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव व अन्य।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव व अन्य।

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य के बीच एमओयू कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विधानसभा से शामिल हुए। मुख्यमंत्री और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एमओयू को राज्य की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में ऐतिहासिक बताया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुए एमओयू से इन कार्यों में गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण, जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों, यानी लगभग 82.66 प्रतिशत घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। 


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही जल संवर्धन, पुनर्भरण व योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक आधारित जल सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण और अधिक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ होगा।


केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपए की विशेष स्वीकृति का भी किया आग्रह

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपए की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। इस स्वीकृति से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ न केवल “हर घर जल” का लक्ष्य हासिल करेगा, बल्कि सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण जल शासन में भी नए मानक स्थापित करेगा।


प्रत्येक घर में पानी की पहुंच सुनिश्चित होगी: सीआर पाटिल

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि आज का दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस एमओयू के बाद छत्तीसगढ़ में पाइप लाइन एवं संरचनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की पहुंच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार प्राप्त होंगे और इन संरचनाओं के रखरखाव के लिए वे जिम्मेदार होंगे। जिला प्रशासन के जरिए पंचायत के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी व आवश्यकता होने पर सहायता भी करेंगे। उन्होंने बताया कि आज का यह एमओयू जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन का साझा प्रयास का परिणाम है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर स्वच्छ एवं निर्बाध पानी की पहुंच का सपना साकार होगा।


कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी 

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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