
नई दिल्ली। देश में लॉकडाउन की चर्चा के बीच सरकार ने बड़ा बयान दिया है। साफ कहा गया है—कोई लॉकडाउन नहीं लगेगा। ऐसे में सवाल है, ये अफवाहें कहां से शुरू हुईं और असली स्थिति क्या है…
सरकार ने साफ किया—लॉकडाउन का कोई प्लान नहीं
केंद्र सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों ने एक साथ सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju और पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और सामान्य जीवन जारी रखें…
‘स्थिति नियंत्रण में’, पीएम खुद कर रहे मॉनिटरिंग
किरण रिजिजू ने साफ कहा कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि Narendra Modi खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं। राज्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी न होने दें और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो…
डर फैलाना गैर-जिम्मेदाराना—सरकार की सख्त चेतावनी
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने साफ किया कि सरकार के पास लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव तक नहीं है। वहीं निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि कोविड जैसा लॉकडाउन दोबारा नहीं होगा। यानी लोगों को डरने की जरूरत नहीं है…
आखिर अफवाह शुरू कैसे हुई?
दरअसल, कुछ दिन पहले संसद में पीएम मोदी ने वैश्विक हालात को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में तनाव का असर लंबे समय तक रह सकता है। इसी बयान के बाद लॉकडाउन और संकट की अटकलें शुरू हो गईं, जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर फैलने लगी थीं…
विपक्ष के बयान से भी बढ़ी चर्चा
इस मुद्दे पर विपक्ष की तरफ से भी बयान सामने आए। Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge ने कोविड जैसे हालात की आशंका को लेकर सवाल उठाए। इन बयानों के बाद आम लोगों में चिंता और बढ़ गई, जिससे अफवाहों को और हवा मिली…
सतर्कता जरूरी, लेकिन घबराने की नहीं
सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में लॉकडाउन की कोई संभावना नहीं है। लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है। अब असली चुनौती यह है कि लोग अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें—क्योंकि डर से ज्यादा खतरनाक कुछ नहीं होता…
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