
डेस्क रिपोर्टर
News World Deskभोपाल, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। आज से शुरू हुए नए वित्तीय वर्ष से देश मे कई चीजें महंगी होने जा रही है। घर खरीदना महंगा हो जाएगा। शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्री के लिए मकान की निर्माण लागत सीधे 8 फ़ीसदी बढ़ गई है। सीनियर सिटीजन की स्पेशल एफडी बंद हो जाएगी। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है, वही पेट्रोल और डीजल के दाम भी लगातार 10 दिनों से बढ़ रहे हैं।
वहीं देश में 800 प्रकार की दवाइयां 20% तक महंगी हो गई हैं। दवा महंगी होने का असर सीधे तौर पर अस्पताल में इलाज के बिल पर पड़ेगा। हॉस्पिटल के बिल में अभी से 40 फ़ीसदी का इजाफा देखने को मिलेगा। दरअसल नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंशियल मेडिसिन यानी आवश्यक दवाइयों की सूची में आने वाली लगभग 800 दवाइयां और मेडिकल डिवाइसेज की कीमत में 10 फीसदी का इजाफा होने जा रहा है।
दवा की बढ़ी हुई कीमतों का असर सीधे तौर पर अस्पताल में मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक बुखार, संक्रमण, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, त्वचा रोग और एनीमिया के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो जाएगी। सामान्य तौर पर अस्पताल में इन बीमारियों से जुड़े मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। वहीं मेडिकल डिवाइसेज के महंगे होने का असर ऑपरेशन और अन्य सुविधाओं पर होगा।
अब बारी पैथोलॉजी जांच की
डॉक्टरों का कहना है कि दवा के साथ मेडिकल रिएजेंट्स भी महंगे हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो पैथोलॉजीकल, बायोकेमेस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी सहित तमाम जाचे महंगी होगी।
मरीजों के इलाज में 30 फ़ीसदी खर्च दवाओं का
भोपाल के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर सुब्रतो मंडल बताते हैं कि दवा और मेडिकल डिवाइस का सीधा नाता मरीज के इलाज में होने वाले खर्च से है। मरीज के पूरे इलाज में दवाओं का खर्च करीब 30 फ़ीसदी और उपकरणों का खर्च 3 से 10 फ़ीसदी तक होता है। ऐसे में किसी इलाज में एक लाख खर्च होंगे तो उसमें 40 हजार दवाओं पर और 10 हजार उपकरणों पर खर्च होता है। दाम बढ़ने के बाद यह खर्च बढ़कर सवा लाख रुपए तक हो जाएगा।
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