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नवाचार से बदली बच्चों की पढ़ाई, कल नई दिल्ली में सुनीता यादव को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान

04 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
नवाचार से बदली बच्चों की पढ़ाई, कल नई दिल्ली में सुनीता यादव को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। नवाचार, तकनीक और संवेदनशील शिक्षण के जरिए बच्चों की जिंदगी में बदलाव लाने वाली सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका सुनीता यादव का चयन राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए हुआ है। छत्तीसगढ़ से इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित वे एकमात्र शिक्षिका हैं। शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर नई दिल्ली में उन्हें प्रशस्ति पत्र, शाल और चेक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।


बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी में पदस्थ सुनीता यादव ने पारंपरिक शिक्षण पद्धति से आगे बढ़कर शिक्षा को नवाचार, साहित्य और तकनीक से जोड़ा है। वे दीक्षा एप, स्टोरीवीवर, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट और लघु फिल्मों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाती हैं। बच्चों और स्वयं के अभिनय वाली लघु फिल्मों के जरिए कठिन विषयों को सहज और रोचक ढंग से समझाने की उनकी पहल विशेष पहचान बना चुकी है।


कक्षा में पीछे रह जाने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी वे विशेष प्रयास करती हैं। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर उनकी संवेदनशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे अपने खर्च से बच्चों को नियमित दूध उपलब्ध कराने के साथ ही न्योता भोजन के लिए भी लोगों को प्रेरित करती हैं।


शिक्षण के साथ शोध और समाजसेवा में भी सक्रिय

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में प्राथमिक विद्यालयों में आए बदलावों पर उन्होंने शोध पत्र तैयार किया है। बिलासपुर जिले में आदिवासी बच्चों के लिए आयोजित निशुल्क समर कैंप में भी उन्होंने अध्यापन किया। शिक्षा के साथ साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय सुनीता यादव को वर्ष 2024 में राज्य शिक्षक सम्मान और वर्ष 2025 में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण से सम्मानित किया जा चुका है। प्रकृति संरक्षण के लिए सीड बॉल निर्माण और सैनिकों के लिए राखी बनाने जैसे सामाजिक कार्यों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।


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