
नई दिल्ली। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार को आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाते हुए दो लोगों की हत्या कर दी। ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों के बीच से नाम पूछकर दो हिंदू युवकों को अलग किया गया और उन पर गोली चला दी गई।
हमले में 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय भूपेंद्र ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
केलाम स्थित ईंट-भट्ठे पर बनाया निशाना
अधिकारियों के मुताबिक यह हमला कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर हुआ। वारदात के समय वहां कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन हिंदू मजदूर केवल यही दोनों थे, जिन्हें आतंकियों ने समूह से अलग कर गोली मार दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के दौरान 10 से 12 राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमले से पहले आतंकियों ने इलाके की रेकी भी की थी।
सुरक्षा बलों ने शुरू किया व्यापक तलाशी अभियान
हमले की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है, जबकि पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में अभियान चला रही हैं।
जांच एजेंसियों का संदेह किस पर?
सूत्रों के अनुसार जांच में एक स्थानीय आतंकी और एक पाकिस्तानी आतंकी की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जांच का फोकस मोहम्मद लतीफ पर है। जानकारी के मुताबिक वह पिछले वर्ष लश्कर-ए-तैयबा/द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) में शामिल हुआ था। मामले में अभी जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
10 दिन पहले भी हुआ था आतंकी हमला
इससे पहले 21 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक क्षेत्र में भी आतंकियों ने हमला किया था। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की गई थी। उस हमले में जवाबी कार्रवाई के दौरान हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
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