
मुंबई। दुनियाभर में जारी ईरान-अमेरिका-इज़रायल तनाव के बीच तेल और गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। भारत में भी एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी थी, लेकिन अब राहत की खबर आई है। गुजरात के वडीनार पोर्ट पर एलपीजी से भरा ‘नंदा देवी’ जहाज पहुंच गया है, जिससे देश को बड़ी मात्रा में गैस की सप्लाई मिलेगी।
वडीनार पोर्ट पहुंचा एलपीजी से भरा ‘नंदा देवी’ जहाज
एलपीजी लेकर आया ‘नंदा देवी’ जहाज सुरक्षित रूप से गुजरात के वडीनार पोर्ट पर पहुंच गया। यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करते हुए भारत आया, जिसके लिए ईरान की ओर से अनुमति दी गई थी। इस जहाज के जरिए भारत को लगभग 45,000 से 55,000 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति मिली है, जिससे फिलहाल गैस की उपलब्धता में सुधार होने की उम्मीद है।
लगातार दूसरे दिन भारत पहुंची गैस की खेप
इससे पहले सोमवार को भी एलपीजी से लदा एक और जहाज भारत पहुंचा था। ‘शिवालिक’ नाम के इस जहाज के जरिए भी लगभग इतनी ही मात्रा में एलपीजी देश लाई गई थी। दो दिनों के भीतर एलपीजी से भरे दो बड़े जहाजों का भारत पहुंचना मौजूदा गैस संकट के बीच राहत भरी खबर माना जा रहा है।
क्यों बढ़ी एलपीजी की मांग
हाल के दिनों में कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी देखी जा रही है। इसके कारण होटल, ढाबे और छोटे कारोबारी भी घरेलू गैस सिलेंडरों पर निर्भर होने लगे हैं। इससे घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की मांग अचानक बढ़ गई है और कई जगहों पर सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।
सरकार का दावा: घबराने की जरूरत नहीं
सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन को मजबूत रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद भारत नियमित रूप से गैस आयात कर रहा है और बंदरगाहों पर आने वाले जहाजों के जरिए बाजार में आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
वैश्विक तनाव का ऊर्जा बाजार पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले तेल और गैस जहाजों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ-साथ भारत जैसे आयातक देशों पर भी पड़ता है।
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