
नई दिल्ली। महाकुंभ 2025 का भव्य शुभारंभ प्रयागराज में 13 जनवरी से हो चुका है। पहले शाही स्नान के दौरान संगम में लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। सुबह 9:30 बजे तक 60 लाख श्रद्धालु आस्था में सराबोर नजर आए, और दिनभर में यह संख्या 1 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
पहला शाही स्नान और धार्मिक महत्व
शाही स्नान की शुरुआत जूना अखाड़ा के संतों और नागा साधुओं ने की। परंपरा के अनुसार, शाही स्नान अखाड़ों के अनुशासन और शोभायात्रा से शुरू होता है। संगम में डुबकी लगाने का विशेष महत्व है, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम होता है।
ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग
144 साल बाद इस बार महाकुंभ में ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह स्नान अमृत लाभ और पुण्य प्राप्ति का अद्वितीय अवसर है।
इस आयोजन में जर्मनी, ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका समेत 20 देशों के श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। विदेशी भक्त भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की भक्ति में डूबे नजर आए। श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश हो रही है। हर स्नान पर्व के लिए 20 क्विंटल गुलाब की पंखुड़ियों की व्यवस्था की गई है। संगम क्षेत्र को 4000 हेक्टेयर में विस्तारित किया गया है। उधर गूगल ने "महाकुंभ" टाइप करने पर स्क्रीन पर गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश का फीचर पेश किया है। यह भारतीय संस्कृति की भव्यता को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शाता है।
सुरक्षा और तकनीकी निगरानी
60,000 पुलिसकर्मी, कमांडो और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात हैं।
पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और अंडरवाटर ड्रोन लगाए गए हैं।
पहली बार फ्लोटिंग पुलिस चौकी नाव पर तैनात है।
आगामी शाही स्नान तिथियां:
मकर संक्रांति: 15 जनवरी
मौनी अमावस्या: 29 जनवरी
बसंत पंचमी: 12 फरवरी
माघ पूर्णिमा: 24 फरवरी
महाशिवरात्रि: 10 मार्च
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश वासियों को शुभकामनायें देते हुए कहा, "महाकुंभ भारतीय संस्कृति और आस्था का अनोखा उत्सव है।" वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "महाकुंभ 2025 को भव्य और दिव्य बनाने के लिए सरकार ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।"
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