रविवार, 03 मई 2026
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काशी में मंदिरों का महाकुंभ, 32 देशों से आए मंदिरों के व्यवस्थापक, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा पवित्रता के प्रतीक हैं मंदिर

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काशी में मंदिरों का महाकुंभ, 32 देशों से आए मंदिरों के व्यवस्थापक, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा पवित्रता के प्रतीक हैं मंदिर

काशी में मंदिरों का महाकुंभ, 32 देशों से आए मंदिरों के व्यवस्थापक, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा पवित्रता के प्रतीक हैं मंदिर

Sandeep Sinha
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinha

नई दिल्ली। वाराणसी में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो-2023 शुरू हो गया है। इसका उद्घाटन रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किया। काशी में हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्मस्थलों के व्यवस्थापकों का महाकुंभ पहली बार आयोजित किया जा रहा है। जो 24 जुलाई तक चलेगा। इस महाकुंभ में 32 देशों से मंदिरों व्यवस्थापक हिस्सा ले रहे हैं।


इस मौके पर मोहन भागवत ने कहा कि हमारी नई पीढ़ी को मंदिरों से शिक्षा और संस्कार देना पड़ेगा। भारत में प्राचीन समय में बलि चढ़ती थी, आजकल बलि नहीं देते। क्योंकि बलि काल सुसंगत नहीं है, इसलिए हमने आचार बदल लिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता स्वास्थ्य और शिक्षा है। हम इस कमी को पूरा कर सकते हैं।


संघ सरसंघचालक ने स्वच्छ भारत अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि इसका मंदिरों पर भी बहुत प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता मंदिर प्रबंधन का अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू है क्योंकि मंदिर पवित्रता के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान का मंदिरों पर भी बहुत प्रभाव पड़ा है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन के साथ हम इसे दुनिया के हर छोटे या बड़े मंदिर में गहरे स्तर पर हासिल करना चाहते हैं।'

भागवत ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, 'हमें मंदिर सेवा की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है, जिसके लिए शिक्षा और जागरूकता महत्वपूर्ण है। इसके मद्देनजर, हमें मंदिर प्रबंधन के हर पहलू को मजबूत करने की जरूरत है, चाहे वह स्वच्छता हो, सेवा हो या बुनियादी ढांचा।

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