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आदिवासियों के प्रमुख तीर्थ मानगढ़ धाम को मिला राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा

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आदिवासियों के प्रमुख तीर्थ मानगढ़ धाम को मिला राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा

आदिवासियों के प्रमुख तीर्थ मानगढ़ धाम को मिला राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा

Sandeep Sinha
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinha

मानगढ़, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। आदिवासियों के प्रमुख तीर्थ स्थल मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा मिल गया है। मानगढ़ धाम पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी श्री गोविंद गुरु को श्रद्धांजलि दी,पीएम मोदी 'मानगढ़ धाम की गौरव गाथा' कार्यक्रम में शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा, आजादी के 'अमृत महोत्सव' में हम सभी का मानगढ़ धाम आना, ये हम सभी के लिए प्रेरक और सुखद है। मानगढ़ धाम जनजातीय वीर-वीरांगनाओं के तप, त्याग, तपस्या और देशभक्ति का प्रतिबिंब है। 


प्रधानमंत्री ने कहा की ये राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की साझी विरासत है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, गोविंद गुरु जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी भारत की परंपराओं और आदर्शों के प्रतिनिधि थे। वह किसी रियासत के राजा नहीं थे, लेकिन वह लाखों आदिवासियों के नायक थे। अपने जीवन में उन्होंने अपना परिवार खो दिया, लेकिन हौसला कभी नहीं खोया। 


पीएम मोदी ने स्मारक का दौरा कर 109 साल पहले यहां शहीद हुए 1500 आदिवासियों श्रृद्धांजलि दी। मानगढ़ धाम की गौरव गाथा कार्यक्रम में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और गुजरात के सीएम भूपेंद्र सिंह पटेल भी शामिल हुए। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, इस पवित्र मानगढ़ धाम की माटी से तिलक करें, बलिदानियों को पूजने की परंपरा को प्रधानमंत्री जी ने पुनः प्रारंभ किया है। आज मानगढ़ की अमरभूमि पर जिन 1500 से अधिक भील भाइयों व बहनों ने बलिदान दिया, उनकी आत्मा अवश्य प्रसन्न हो रही होगी। 


सीएम ने कहा की जितने भी लोग मध्य प्रदेश से आए हैं। उनसे प्रार्थना है कि जब यहां से जाएं तो इस पवित्र मानगढ़ धाम की माटी से तिलक करें और अपने ग्रामवासियों का भी तिलक करें। मानगढ़ धाम में हुए इस मेगा कार्यक्रम में तीनों चुनावी राज्यों के सीएम का होना आखिर क्या संदेश देता है। 


पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम को जरिये आदिवासी वोटों को साधने की कोशिश की है। मानगढ़ धाम का तीनों राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात की 99 विधानसभा सीटों पर असर है। इन तीनों राज्यों के आदिवासियों की मानगढ़ धाम में विशेष आस्था है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में भी आदिवासियों की बड़ी आबादी है। देश भर में आदिवासियों की आबादी कुल जनसंख्या की 8.6 प्रतिशत है। गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना की 200 विधानसभा सीटों पर इसका प्रभाव है। लोकसभा की लगभग 50 सीटें ऐसी हैं जो प्रत्यक्ष रूप से आदिवासी बहुल हैं।

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