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मेरठ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, सौरभ राजपूत केस में कोर्ट का बड़ा फैसला

14 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मेरठ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, सौरभ राजपूत केस में कोर्ट का बड़ा फैसला
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड दिया है। फैसले से पहले दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया, जहां वे रोने लगे।


सौरभ के भाई बबलू ने फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि परिवार शुरू से ही दोनों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार मुस्कान से कोई संबंध नहीं रखना चाहता।


अदालत में सजा पर क्या बोले मुस्कान और साहिल?

बुधवार सुबह 10:30 बजे न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने जेल में बंद मुस्कान और साहिल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। अदालत ने दोनों से उनकी सजा को लेकर पक्ष रखने को कहा।


मुस्कान से जब पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी होने और प्रस्तावित सजा के बारे में पूछा गया, तो उसने अपनी दोनों बच्चियों की देखभाल किए जाने की बात कही। जवाब देने के बाद वह चुप हो गई।


साहिल से भी न्यायाधीश ने यही सवाल किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा सुनाए जाने से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दोनों के रोने की बात सामने आई।


3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या

यह मामला 3 मार्च 2025 का है। सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उसके शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में रखा गया था। मामले की सुनवाई के लिए जुलाई 2025 में जिला अदालत में ट्रायल शुरू हुआ।


अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के सवाल पर दोनों पक्षों की दलीलें सामने आईं और अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई।


सरकारी वकील ने मांगा था मृत्युदंड

अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील केके चौबे ने अदालत से मुस्कान और साहिल को अधिकतम सजा देने की मांग की थी। उनका पक्ष दोनों दोषियों को फांसी दिए जाने के समर्थन में था।


बचाव पक्ष की वकील रेखा जैन ने मुस्कान की पारिवारिक परिस्थितियों का उल्लेख किया। उन्होंने अदालत को बताया कि मुस्कान की दो बेटियां हैं और उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं। इन आधारों पर बचाव पक्ष ने कम से कम सजा देने की अपील की थी।


सौरभ के भाई बबलू ने फैसले पर क्या कहा?

फैसले के बाद सौरभ के भाई बबलू ने कहा कि परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद थी और उनकी मांग शुरू से स्पष्ट थी। उन्होंने दोनों दोषियों को फांसी की सजा मिलने पर खुशी जताई।


बबलू के मुताबिक, यदि मुस्कान और साहिल फैसले के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई करते हैं, तो उनका परिवार भी अपनी ओर से कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार की प्रार्थना थी कि गलत काम करने वालों को सजा मिले।


मुस्कान से संबंध और DNA टेस्ट पर परिवार का रुख

बबलू ने मुस्कान से किसी भी तरह का संपर्क होने से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार न तो उसे अपनाना चाहता है और न ही उसे अपने साथ रखेगा।


डीएनए टेस्ट को लेकर भी बबलू ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार पर डीएनए जांच कराने का दबाव बनाया गया, तब भी वे इसके लिए तैयार नहीं होंगे।

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