
नई दिल्ली। मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करने जा रही है। ये आम बजट न होकर अंतरिम बजट होगा। दरअसल दो महीने बाद लोकसभा चुनाव होने है, ऐसे में चुनाव के बाद नई सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि अंतरिम बजट में पहले से चली आ रहीं योजनाओं में आर्थिक समस्या न आए और साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को किसी भी तरह का कोई नुकसान न पहुंचे।
अंतरिम बजट में किसी भी नईं योजनाओं को लागू नहीं किया जाता है। सिर्फ पहले से चल रही योजनाओं के लिए राशि आवंटित की जाती है। लेकिन इस बार अंतरिम बजट से लोगों को इस लिए भी उम्मीद है क्योकि 1 फरवरी 2019 में चुनाव से पहले अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने कई बड़े ऐलान किये थे। जिसमें वेतन भोगी टैक्सपेयरों को राहत देते हुए पांच लाख तक की इनकम वालों को टैक्स स्लैब से बाहर कर दिया था। इतना ही नहीं सरकार ने किसानों को भी तोहफा दिया था और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का ऐलान किया गया था। जिसमें 2 हेक्टेयर तक एग्रीकल्चर लैंड वाले किसान परिवार को प्रति वर्ष 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में देने का ऐलान किया था। 2019 के अंतरिम बजट से मोदी सरकार ने श्रम योगी मानधन योजना और रेलवे को इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए करोड़ों का बजट आवंटित किया था।
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