
नई दिल्ली। भारत में मानसून का इंतजार अब खत्म होने के करीब है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून आज शाम 7 से 8 बजे के बीच केरल में प्रवेश कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल होती जा रही हैं। हालांकि इस बार मानसून की रफ्तार शुरुआती अनुमान से धीमी रही। पहले इसके 26 मई तक केरल पहुंचने का अनुमान था, लेकिन अब यह तय तारीख से करीब 9 दिन देर से पहुंचने जा रहा है।
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश के संकेत
IMD के मुताबिक केरल के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक के कई इलाकों में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। केरल के कई जिलों में पहले ही तेज बारिश शुरू हो चुकी है। लगातार बढ़ती बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है और कई इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
केरल के तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने केरल के अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों के लिए विशेष ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि इन क्षेत्रों में 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। स्थानीय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
24 राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी
मानसून के आने से पहले देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। IMD ने 24 राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना जताई है। ओडिशा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना समेत कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिल्ली में अगले दो दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
क्या हैं क्यूम्युलोनिम्बस बादल?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून सीजन में सक्रिय क्यूम्युलोनिम्बस (CB) क्लाउड्स तेज आंधी, बिजली और गरज वाले तूफानों की मुख्य वजह होते हैं। इन बादलों की वजह से कई राज्यों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यही बादल अचानक मौसम बदलने और भारी बारिश कराने के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
कई राज्यों में अब भी जारी है गर्मी का असर
एक तरफ बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के कई हिस्सों में गर्मी अभी भी कम नहीं हुई है। गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में तापमान अभी भी 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। ऐसे में लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
अगले डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करेगा मानसून
सामान्य तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है और इसके बाद लगभग डेढ़ महीने में पूरे देश में फैल जाता है। यदि आज मानसून केरल में प्रवेश करता है तो खेती, जल संसाधन और मौसम से जुड़े सभी क्षेत्रों के लिए यह बड़ी राहत की खबर होगी। अब सभी की नजरें IMD की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।
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