
भोपाल। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर तेज है। भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है, जबकि उत्तर प्रदेश में कई नदियां उफान पर हैं। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद और बिजनौर में गंगा का पानी हाईवे तक पहुंच गया है। राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में 12 इंच तक बारिश और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं।
भोपाल में 7 इंच से ज्यादा बारिश, 1,000 से अधिक घरों के आसपास पानी
राजधानी भोपाल में पिछले दो दिनों से बारिश जारी है। बीते 24 घंटे में शहर में 7 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी है। 1,000 से ज्यादा घरों के आसपास करीब 5 फीट तक पानी भर गया है। लगातार बारिश को देखते हुए स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है।
उत्तर प्रदेश में 10 नदियां उफान पर, 40 गांव बाढ़ की चपेट में
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही बारिश का असर उत्तर प्रदेश की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। गंगा-यमुना सहित 10 नदियां उफान पर हैं। फर्रुखाबाद और बिजनौर में गंगा का पानी हाईवे के ऊपर से बह रहा है। प्रदेश में 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। फर्रुखाबाद में बाढ़ ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है। यहां 25 घर गंगा नदी में समा चुके हैं।
राजस्थान में आज 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
राजस्थान में भी बारिश का असर व्यापक है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे के दौरान हाड़ौती क्षेत्र में भारी बारिश दर्ज हुई। कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में कई स्थानों पर 12 इंच तक बारिश हुई।
कालीसिंध और छापी बांध के गेट खुले, निचले इलाकों में बढ़ी परेशानी
हाड़ौती क्षेत्र के दो बड़े बांधों कालीसिंध और छापी के गेट खोले गए हैं। इसके बाद निचले इलाकों में पानी बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण इन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हुई है।
दो मौसम सिस्टम सक्रिय, मध्य भारत में बारिश का दौर जारी
देश के मध्य हिस्से में इस समय लो-प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास बना लो-प्रेशर एरिया मध्य प्रदेश, राजस्थान के कुछ हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों में बारिश करा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 11-12 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है।
बंगाल की खाड़ी में भी सिस्टम सक्रिय, 12 अगस्त के आसपास बनेगा लो-प्रेशर
उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी एक मौसम सिस्टम सक्रिय है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। इस सिस्टम के आगे बढ़ने पर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मानसून ट्रफ भी उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में बने लो-प्रेशर एरिया के केंद्र से होकर गुजर रही है।
अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का सिलसिला
मौसम में सक्रिय दोनों सिस्टम और मानसून ट्रफ की स्थिति को देखते हुए मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का दौर आगे भी बने रहने की संभावना है। इस समय मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश कराने वाले मौसम सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
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