
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी की सोमवार की रात तबीयत बिगड़ जाने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मंगलवार शाम को पुनः उसे जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। बुधवार को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर भी जांच कर उसकी हालत में सुधार का दावा किया था, लेकिन गुरुवार को देर शाम एक बार फिर उसकी हालत बिगड़ गई। मुख्तार अंसारी बैरक में ही बेहोश होकर गिर गया, जिसे फौरन मेडिकल कॉलेज ले गया ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान मुख्तार अंसारी की मौत हो गई।
गैंगस्टर से राजनीति में आए मुख्तार की हेल्थ को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने मऊ, गाजीपुर समेत करीब तीन से चार जिलों में सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, बांदा एसपी और डीएम समेत अन्य आला अधिकारी हॉस्पिटल में मौजूद हैं। मेडिकल हॉस्पिटल के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है। बांदा जेल में भी सिक्योरिटी टाइट की गई।
बता दें कि कुछ दिन पहले उसके भाई अफजाल अंसारी ने मुख्तार को जेल में धीमा जहर (स्लो पाइजन) देकर मारने की साजिश का आरोप लगाया था।
मुख्तार अंसारी 2005 से पंजाब और उत्तर प्रदेश की जेलों में सजा काट रहा है। गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी (60 साल) के खिलाफ 60 से ज्यादा आपराधिक मामले पेंडिंग हैं। यूपी की अदालतों ने उसे सितंबर 2022 से अब तक 8 केस में सजा सुनाई है और फिलहाल वह बांदा जेल में बंद है। मुख्तार का नाम पिछले साल उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से जारी की गई 66 गैंगस्टर्स की लिस्ट में शामिल था। उसके परिजनों आशंका जताई थी कि मुख्तार अंसारी को फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है।
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