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भारतीय रेल का नया करिश्मा: अब कश्मीर दूर नहीं!

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भारतीय रेल का नया करिश्मा: अब कश्मीर दूर नहीं!

भारतीय रेल का नया करिश्मा: अब कश्मीर दूर नहीं!

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। चिनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊँचा रेल पुल और बर्फीली घाटियों को चीरती उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) भारतीय रेल की आधुनिकता और तकनीकी शक्ति का नया प्रतीक बन चुका है। समुद्र तल से 359 मीटर ऊँचा यह पुल, एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊँचा है! यह न केवल भारत के रेलवे नेटवर्क को मजबूत कर रहा है बल्कि कश्मीर के विकास, पर्यटन और सुरक्षा के लिए भी एक नए युग की शुरुआत कर रहा है।

USBRL: इंजीनियरिंग का अनूठा चमत्कार

₹37,000 करोड़ की लागत से बनी 272 किलोमीटर लंबी इस रेलवे लाइन को दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण रेल परियोजनाओं में गिना जा रहा है। इस परियोजना के तहत:

✅ 943 पुल और 36 मुख्य सुरंगें, जिनमें भारत की सबसे लंबी T-50 सुरंग (12.77 किमी) भी शामिल है।

✅ अंजी खड्ड ब्रिज, भारत का पहला केबल-स्टेड रेल पुल, 96 केबल्स पर टिका हुआ है।

✅ चिनाब ब्रिज, जो 266 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को भी सह सकता है।

कश्मीर को मिलेगी निर्बाध रेल कनेक्टिविटी

यह रेलवे लिंक जम्मू-कश्मीर के विकास को नई गति देगा। काज़ीगुंड, पंपोर, श्रीनगर, सोपोर, अनंतनाग जैसे प्रमुख स्टेशन क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।

कश्मीर की सर्दी में भी दौड़ेगी वंदे भारत!

इस रेलवे लाइन पर जल्द ही वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने जा रही है, जो कश्मीर की बर्फीली चुनौतियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है।

➡️ हीटिंग सिस्टम से लैस ट्रेन यात्रियों को शून्य से नीचे के तापमान में भी आरामदायक सफर देगी।

➡️ ड्राइवर के सामने हीटेड ग्लास, जिससे बर्फबारी में भी क्लियर विज़न मिलेगा।

➡️ श्रीनगर से कन्याकुमारी तक भारत के एकता का प्रतीक बनेगी यह ट्रेन।

बनिहाल सुरंग के पार, कश्मीर अब और करीब!

भारतीय रेल की यह ऐतिहासिक परियोजना कश्मीर को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। पीर पंजाल की पहाड़ियां अब रेलवे ट्रैक पर दौड़ती ट्रेनों के संगीत का इंतजार कर रही हैं। सचमुच, "कश्मीर अब दूर नहीं!"

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