सोमवार, 30 मार्च 2026
Logo
National

नीतीश कुमार ने MLC पद से दिया इस्तीफा, राज्यसभा जाने का रास्ता साफ, 6 महीने तक CM बने रहेंगे, नितिन नबीन ने भी पद छोड़ा

30 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
नीतीश कुमार ने MLC पद से दिया इस्तीफा, राज्यसभा जाने का रास्ता साफ, 6 महीने तक CM बने रहेंगे, नितिन नबीन ने भी पद छोड़ा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Nitish Kumar ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे अब उनकी नई राजनीतिक भूमिका तय हो गई है।


राज्यसभा चुनाव के बाद इस्तीफा, पूरी हुई संवैधानिक प्रक्रिया

नीतीश कुमार को 16 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया गया था। इसके बाद नियमों के तहत उन्हें अपनी मौजूदा सदस्यता छोड़नी थी। उनका 29 शब्दों का इस्तीफा विधान परिषद के सभापति Awadhesh Narayan Singh को सौंपा गया, जिसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया। यह पूरी प्रक्रिया संविधान के अनुरूप पूरी की गई है।


BJP नेता Nitin Nabin ने भी छोड़ा MLA पद

इसी दिन एक और बड़ा राजनीतिक कदम देखने को मिला। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar को सौंपा गया। इससे साफ है कि राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।


सुबह से तेज हुई राजनीतिक हलचल

सोमवार सुबह 9 बजे से ही मुख्यमंत्री आवास पर हलचल बढ़ गई थी। कई वरिष्ठ नेताओं—ललन सिंह, अशोक चौधरी, संजय झा और विजेंद्र यादव—ने नीतीश कुमार से मुलाकात की। करीब 10:30 बजे इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी हुई। इसी दौरान विधानसभा और परिषद दोनों जगह एक साथ गतिविधियां तेज रहीं, जिससे दिनभर राजनीतिक माहौल गरमाया रहा।


यह क्यों ज़रूरी है?

संविधान के अनुसार, अगर कोई नेता एक सदन से दूसरे सदन के लिए चुना जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर पुरानी सदस्यता छोड़नी होती है। इसके अलावा, अनुच्छेद 164(4) के तहत कोई व्यक्ति बिना सदन का सदस्य बने भी 6 महीने तक मुख्यमंत्री रह सकता है। यही प्रावधान नीतीश कुमार के लिए लागू होगा, जो राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने में अहम है।


6 महीने तक CM बने रहेंगे, आगे क्या संकेत?

विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि इस्तीफे के बाद भी नीतीश कुमार अगले 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। हालांकि, राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि आने वाले महीनों में बिहार की राजनीति में और बड़े बदलाव हो सकते हैं। अब नजर इस बात पर है—क्या यह सिर्फ संवैधानिक प्रक्रिया है या किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत?

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें