
डेस्क रिपोर्टर
News World Deskदिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। छठ पूजा की आज से शुरुआत हुई है। 4 दिन मनाए जाने वाले इस पर्व के पहले दिन नहाय-खाय की परंपरा होती है। देश की राजधानी में भी यमुना किनारे इस पर्व को मनाया जा रहा है, लेकिन यहां के छठ घाटों से जो तस्वीरें सामने आ रही है वह चौंकाने वाली है। यमुना में प्रदूषण के चलते पानी पूरी तरह से प्रदूषित हो गया है।
नदी में मानो ग्लेशियर तैर रहे हो
नदी में चारो तरफ सफेद झाग ही झाग हो गया है। मानो पूरी नदी में ग्लेशियर तैर रहे हो। लेकिन यह ग्लेशियर नहीं नदी की गाद है और छठ व्रतधारी इसी गंदे पानी में स्नान कर रहें है। हालांकि, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटर ने कोरोना के चलते यमुना किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं दी है। यह जहरीला झाग कालिंदी कुंज इलाके में यमुना नदी में तैर रहा है।
इस कारण बना यमुना में झाग
बताया जा रहा है कि, दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में दीपावली में हुई आतिशबाजी और पराली जलाने के राजधानी की हवा प्रदूषित हो गई है। अमोनियम की मात्र बढ़ने के कारण यमुना नदी में झाग बन गया है और इसी के चलते अब पानी की सप्लाई भी बधित हो रही है।
इस तरह के दृश्य पहले भी देखे गए
यमुना नदी की सतह पर तैरते यह जहरीले सफेद झाग कई बार देखे गए है। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी काफी छाए रहते है। माना जाता है कि धोबी घाटों, रंगाई उद्योगों, फैक्ट्रियों और घरों घरों में इस्तेमाल होने वाले डिटर्जेंट के कारण पानी में फॉस्फेट की मात्रा को बढ़ा देता है। इसी के कारण यमुना नदी में सफेद जहरीले झाग बन जाते है।
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