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डेस्क रिपोर्टर
नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। एक साल से विवादों में घिरे कृषि कानूनों पर पीएम ने कहा कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को समझानें मे नाकाम रही। उन्होंने कहा कि इन तीनों कानूनो को निरस्त किया जाएगा। आगामी संसद के शीतककालीन सत्र में सरकार विधेयक लेकर आएगी। वहीं कृषि कानून वापसी पर किसान नेता राकेश टिकैत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, किसान आंदोलन तत्काल समाप्त नहीं होगा। संसद में कानून रद्द होने के बाद ही फैसला लिया जाएगा। MSP के साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत जरूरी है। पीएम द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लेने के एलान का किसान संगठनों ने स्वागत किया है। किसान संगठन जल्द की बैठक करके आगे की रणनीति पर फैसला लेंगे।
कृषि कानून वापसी पर किसने क्या कहा
पीएम मोदी के कृषि कानून वापस लेने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि, देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अंहकार का सर झुका दिया। अन्याय के खिलाफ यह जीत मुबारक हो। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि किसानों की जीत है। इस आंदोलन में हिस्सा लेने वाले हर किसान को बधाई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीनों कृषि कानून वापसी पर कहा कि, आज सरकार को किसानों के संघर्ष के आगे झुकना पड़ा और तीनो काले कानून वापस लेने पडे़। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि सरकार के उपर किसानों का दवाब था,आखिर में किसानों की जीत हुई।
कैप्टन अमरिंदर ने जताई खुशी
पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तीनो किसान बिल वापस होने पर खुशी जताई है। कैप्टन ने ट्वीट कर गुरू नानक जयंती के पावन अवसर पर किसानों की मांगों को मानते हुए तीनों कृषि कानूनो को निरस्त करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद दिया, साथ ही उन्होेंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानकर काम करती रहेगी।
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