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आज ही के दिन दो साल पहले देश हुआ था टोटल लॉकडाउन, 2 सालों में इस तरह मची तबाही

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आज ही के दिन दो साल पहले देश हुआ था टोटल लॉकडाउन, 2 सालों में इस तरह मची तबाही

आज ही के दिन दो साल पहले देश हुआ था टोटल लॉकडाउन, 2 सालों में इस तरह मची तबाही

News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क।आज से ठीक दो साल पहले 24 मार्च 2020 को देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश मे सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की थी। भारत में कोरोना की शुरुआत 30 जनवरी, 2020 को पहले मामले के साथ हुई थी। जिसके बाद धीरे-धीरे मामलों में बढ़ोतरी होने लगी और एक महीने के अंदर ही 500 से अधिक केस आ गए थे और 10 लोगों की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए लॉकडाउन की घोषणा की। 


अभी भी जीवन सामान्य नहीं हुआ
यह पहली बार हो रहा था कि एक अरब से अधिक आबादी वाला देश पूरी तरह बंद हो जाए। पहला लॉकडाउन 21 दिनों का लगाया गया था, ऐसा लगा कि शायद 21 दिनों में देश कोरोना पर विजय हासिल  कर लेगा और जीवन दोबारा सामान्य हो जाएगा। लेकिन महामारी के 2 साल बीत चुके है, फिर भी जीवन अभी तक सामान्य नहीं हो सका है। कोरोना ने ना जाने कितनी जाने ले ली, न जाने कितने बच्चे अनाथ हो गए और न जाने कितने लोग सड़क पर आ गए। 21 दिन पहले लॉकडाउन को इन दो सालों में कई बार बढ़ाया गया। शहरों में काम बंद होने की वजह से गांवों और अपने घरों की तरफ हजारों लोग पैदल पलायन कर गए थे। देश ने इस तरह का लॉकडाउन पहली बार देखा था। 

दूसरी लहर जानलेवा और घातक थी
बीते 2 सालों में भारत में कोरोना की तीन लहरें आई। इन तीन लहरों में करोड़ों लोग संक्रमित हुए और लाखों लोगों की जान गई। भारत में कोरोना की दूसरी सबसे ज्यादा घातक और जानलेवा रही। दूसरी लहर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा था। अस्पताल के बाहर मरीज और उनके परिजन बेड और ऑक्सिजन के लिए तड़पते हुए दिख रहे थे। प्रशासन की लाचारी, श्मशान में जलती चिताएं और लाशों से पटे घाट, महामारी की भयावहता की गवाही दे रहे थे। ये वो समय था जब बड़े से बड़ा आदमी लाचार दिख रहा था।

पहली लहर में पीक 200 दिन में आया था
भारत में कोरोना की पहली लहर की शुरुआत 3 मार्च से हुई और 16 सितंबर 2020 को ये पीक पर रही। पहली लहर को अपने पिक पर पहुंचने के लिए करीबन 200 दिन लग गए। पहली लहर के दौरान मौत कम हुई, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने पलायन किया। इससे लोगों के सामने रोजगार का बड़ा संकट खड़ा हो गया। न जाने कितने ही लोग परिवार के साथ बोरिया बिस्तर समेटकर पैदल ही सड़कों पर निकल पड़े।

सरकार ने सभी प्रतिबंध हटाने का लिया फैसला
लॉकडाउन के दो साल पूरे होने पर केंद्र सरकार ने कोरोना पर लगी सभी पाबंदियां हटाने का फैसला किया है, हालांकि मास्क लगाने और सोशल डिस्टनसिंग बनाए रखने का नियम पहले की तरह ही जारी रहेगा। मीडिया की रिपोर्ट की माने तो केंद्र सरकार ने 31 मार्च से सभी पाबंदियों को हटाने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना मामलों में आ रही गिरावट के चलते 31 मार्च के बाद गृह मंत्रालय की ओर से  आपदा प्रबंधन नियमों के तहत कोरोना से संबंधित किसी प्रकार का आदेश जारी नहीं किया जाएगा।

सतर्क रहने को कहा
हालांकि, केंद्र सरकार ने महामारी को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह जरूर दी है। सभी राज्यों और केंद्रशासित राज्यों को भेजी गई चिट्ठी में यह स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोरोना के मामलों में दोबारा बढ़ते है तो राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपने स्तर पर तेजी से कदम उठा सकते हैं। बतादें, दक्षिण कोरिया, चीन, वियतनाम समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना से हालात बिगड़ रहें है, लेकिन भारत में लगातार स्थिति में सुधार आ रहा है। तेजी से वैक्सिनेशन अभियान चलाया जा रहा है। यही कारण है कि, भारत सरकार ने लोगों को प्रतिबंधों से आजादी देने का फैसला किया है।

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