
जम्मू-कश्मीर में रविवार को हुए आतंकी हमले में सीधे तौर पर पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आ रहा है। डीजीपी आरआर स्वैन ने एक चैनल से से बातचीत में दावा किया कि इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने का इनपुट मिला है। अटैक में 4 पाकिस्तानी और एक कश्मीरी आतंकी के शामिल होने की आशंका है। आतंकी संगठन जैश और लश्कर से जुड़े आतंकवादी मोर्चे द रेजिस्टेंस फ्रंट ने रियासी में वैष्णो देवी से लौट रहे श्रद्धालुओं पर हमले की जिम्मेदारी ली। इस कायराना हमले में 10 लोगों की मौत हो गई, 33 जख्मी हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
बस में सवाल श्रद्धालु वैष्णो देवी दर्शन से लौट रहे थे
आतंकी हमले का शिकार हुए लोग वैष्णो देवी धाम में दर्शन कर कटरा लौटे रहे थे। इसी दौरान रियासी के जंगली इलाके में पहले से घात लगाए आतंकियों ने बस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। एक गोली ड्राइवर को लगी। लोगों की जान बचाने के लिए वह खून से लथपथ होने के बावजूद बस दौड़ाता रहा, इसी दौरान बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। कई पलटियां खाने के दौरान यात्रियों के शव पहाड़ी पर बिखर गए।
पीर पंजाल इलाके में छिपे हैं करीब 50 आतंकी
सूत्रों की मानें तो जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल इलाके में आतंकियों का एक गुट सक्रिय है। जिसे पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश और लश्कर का सपोर्ट है। आतंकवादी मोर्चे द रेजिस्टेंस फ्रंट में कुछ स्थानीय अंडर ग्राउंड कश्मीरी आतंकी भी शामिल हैं। रियासी बस अटैक की साजिश पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रची गई थी। हमला करने के लिए रावलपिंडी से आतंकियों को हरी झंडी मिला। नापाक हरकत को अंजाम देने के लिए आतंकियों ने पीर पंजाल में छिपाए गए हथियारों का इस्तेमाल किया।
आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की टुकड़ियों ने रियासी इलाके के जंगलों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन की शुरुआत की है। इस दौरान ड्रोन से आतंकियों की तलाश की जा रही है। डीजीपी ने कहा कि "हमारे सुरक्षाबलों और पुलिस ने आतंकवादियों की तलाश के लिए एक संयुक्त अभियान शुरू किया है। इस जघन्य कृत्य के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें जल्द ही दंडित किया जाएगा।" पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा कि भारत में बनी मजबूत सरकार स पाकिस्तान बौखला गया है और इस तरह श्रद्धालुओं पर हमले कर कायराना हरकतें कर रहा है।
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