
नई दिल्ली। लोकसभा ने बुधवार को पेपर लीक से जुड़े 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को ध्वनि मत से पारित कर दिया। नए प्रावधानों के तहत परीक्षा से जुड़े अपराधों पर पहले से अधिक कड़ी सजा, तेज जांच और समयबद्ध सुनवाई का प्रावधान किया गया है। वहीं, राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। इसके लागू होने पर वंदे मातरम को भी जन-गण-मन की तरह कानूनी संरक्षण मिलेगा और उसके अपमान या गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
लोकसभा में चर्चा के बाद पास हुआ संशोधन विधेयक
पेपर लीक संशोधन विधेयक पर मंगलवार को करीब 9 घंटे चर्चा हुई थी। इसके बाद बुधवार को विपक्ष की ओर से राहुल गांधी ने लगभग 50 मिनट तक अपनी बात रखी। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन ने विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया।
पेपर लीक पर और कड़ी होगी कार्रवाई
संशोधन के बाद परीक्षा से जुड़े अपराधों पर दंड और सख्त किया गया है।
पेपर लीक से जुड़े मामलों में कम से कम 5 वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल।
संगठित अपराध में कम से कम 7 वर्ष की सजा।
संगठित अपराध से जुड़े मामलों में 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान।
पेपर लीक से जुड़े अपराधों पर अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
जांच और ट्रायल के लिए तय की गई समय-सीमा
नए संशोधन में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
जांच 2 महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद 3 महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य।
मामलों की रोजाना सुनवाई का प्रावधान।
राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित कर सकेंगे।
आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित कर जांच करा सकेगी।
15 प्रकार के अपराधों का स्पष्ट वर्गीकरण
संशोधित कानून में परीक्षा से जुड़े 15 तरह के अपराधों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
पेपर लीक
OMR शीट से छेड़छाड़
फर्जी वेबसाइट
फर्जी एडमिट कार्ड
जैसे मामलों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है।
परीक्षा सुरक्षा के लिए नए मानक
परीक्षाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई परिचालन मानक तय किए जाएंगे।
बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन
परीक्षा केंद्रों का प्री-ऑडिट
अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग
सीट आवंटन की व्यवस्था
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा
इनविजिलेशन व्यवस्था
परीक्षा के बाद की प्रक्रिया के मानक
वंदे मातरम को मिलेगा कानूनी संरक्षण
राज्यसभा से पारित राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक, 2026 के तहत 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। नए प्रावधानों के अनुसार वंदे मातरम के अपमान, अनादर या उसके गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा। इस अपराध में 3 वर्ष तक की जेल, जुर्माना, या दोनों का प्रावधान रखा गया है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

