नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। देश की लाइफ लाइन कहीं जानें वाली रेल का सफर मई माह के अंत में समस्या खडी़ कर सकता हैं। 7 सूत्रीय मांग को लेकर स्टेशन मास्टर 31 मई को 1 दिन के हड़ताल पर जा रहें हैं। ऐसे में देश सहित मध्यप्रदेश के सभी स्टेशनों पर रेल सेवा प्रभावित हो सकतीं हैं। 31 मई को सामूहिक अवकाश पर रहने का कारण है स्टेशन मास्टर्स द्वारा लम्बे समय से अपनी मांगों के लेकर कई मंचों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहें मगर उनकी सुनवाई कहीं नहीं हुई। अभी भी स्टेशन मास्टर एसोसिएशन का मानना हैं सरकार मांग मान लेगी तो सामूहिक अवकाश पर जानें का निर्णय टाल दिया जायेगा। रेलवे के स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के जिम्मेदारों का कहना हैं कई वर्षों से अपनी 7 सूत्रीय मांग को लेकर आंदोलन करते आ रहें हैं, सुनवाई नहीं होने के चलते सामूहिक अवकाश जैसा कडा़ निर्णय लेना पडा हैं।
देशभर के स्टेशन मास्टरों ने 31 मई को सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। रेलवे के स्टेशन मास्टर का कहना है कि वे दशकों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते आ रहे पर सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की, यही कारण है कि इस बार वे सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। स्टेशन मास्टरों ने अपनी समस्या के निराकरण के लिए कई बार आंदोलन किया मांगों का ज्ञापन रेल मंत्री के साथ रेलवे के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों को दिया मगर समाधान कही से नही मिला या यह मानें मांगों को अनसुना किया गया। इसी कारण देश भर के लगभग 35 हजार स्टेशन मास्टर 31 जून को 1 दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे । स्टेशन मास्टरों के अवकाश पर जानें के कारण रेलवे सेवाएं प्रभावित हो जायेगी ।
स्टेशन मास्टरों की क्या हैं मांग
स्टेशन मास्टरों की 7 सूत्रीय मांगों में पहली मांग नाइट ट्यूटी भत्ता की वेतन सिलिंग लिमिट 43600 रुपये करने वाले आदेश को निरस्त करना। रेलवे द्वारा कर्मचारियों के रिकवरी आदेश को भी वापस लेना। देश भर में खाली पडे़ स्टेशन मास्टरों के पदों पर शीघ्र भर्ती। स्टेशन मास्टरों को एमएसीपी योजना लाभ 2016 से दिया जाए। स्टेशन मास्टरों को सेफ्टी एवं तनाव भत्ता भी दिया जाए
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

