गुरुवार, 07 मई 2026
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पीएम मोदी ने लालकिले से भाषण में वीर सावरकर के बाद नेहरू को भी याद किया

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पीएम मोदी ने लालकिले से भाषण में वीर सावरकर के बाद नेहरू को भी याद किया

पीएम मोदी ने लालकिले से भाषण में वीर सावरकर के बाद नेहरू को भी याद किया

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डेस्क रिपोर्टर

नई दिल्ली, (आईएएनएस)। लालकिले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी की जंग लड़ने वाले और आजादी के बाद देश बनाने के लिए अपना जीवन खपा देने वाले महापुरुषों को नमन करते हुए कहा कि देश बापू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बी.आर. अंबेडकर और वीर सावरकर के प्रति कृतज्ञ है, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने जीवन को खपा दिया। कर्तव्य पथ ही उनका जीवन पथ रहा।


लालकिले की प्राचीर से लगातार 9वीं बार देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि आज आजादी की जंग लड़ने वाले और आजादी के बाद देश बनाने वाले डॉ. राजेंद्र प्रसाद, नेहरू, सरदार वल्लभाचार्य पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, लाल बहादुर शास्त्री, दीन दयाल उपाध्याय, जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, आचार्य विनोबा भावे, नानाजी देशमुख और ऐसे अनेक महापुरुषों को नमन करने का दिन है।


पीएम मोदी ने आगे कहा कि देश मंगल पांडे, तात्या टोपे, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, असफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल और ऐसे अनगिनत क्रांति वीरों के प्रति कृतज्ञ है, जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी।


प्रधानमंत्री ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई, दुर्गा भाभी और बेगम हजरत महल के साथ-साथ आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिलाओं को भी याद करते हुए उन्हें नमन किया।


देश के स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, हिंदुस्तान का कोई कोना, कोई काल ऐसा नहीं था, जब देशवासियों ने सैकड़ों सालों तक गुलामी के खिलाफ जंग न की हो, जीवन न खपाया हो, यातनाएं न झेली हो, आहुति न दी हो। आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष को, हर त्यागी और बलिदानी को नमन करने का अवसर है।


आजादी के गुमनाम नायकों को याद करने के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान के हर कोने में उन सभी महापुरुषों को याद करने का प्रयास किया गया, जिनको किसी न किसी कारणवश इतिहास में जगह न मिली, या उनकों भुला दिया गया था।आज देश ने खोज खोज कर ऐसे वीरों, महापुरुषों, बलिदानियों, सत्याग्रहियों को याद किया, नमन किया।


--आईएएनएस

एसटीपी/एसजीके

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