
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने 16 मार्च को 18वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान कि घोषणा की। इसके अगले दिन से सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए आंध्र प्रदेश के पालनाडु में रैली को संबोधित करके चुनाव प्रचार की शुरुआत की। तब से 29 मई तक प्रधानमंत्री 206 रैलियां, इवेंट और रोड शो कर चुके है। 72 दिन की इस अवधि में प्रधानमंत्री ने औसतन प्रतिदिन 3 रैलियों को संबोधित किया।
भीषण गर्मी के बीच जम कर प्रचार
अप्रैल-मई की भीषण गर्मी और चुनावी उत्सव के बीच पीएम मोदी जमकर प्रचार करते दिखे, वो भी इतना कि उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस बार उन्होंने 206 रैलियां, इवेंट और रोड शो किए और करीब 80 इंटरव्यूज दिए। प्रचार शुरू होने के बाद से औसतन उन्होंने प्रतिदिन एक से अधिक साक्षात्कार दिए हैं।
2019 के चुनावों से ज्यादा किया प्रचार
प्रधानमंत्री ने इससे पहले 2019 के चुनावों के दौरान लगभग 145 सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। इस बार उन्होंने इससे ज्यादा चुनाव प्रचार किया और जनसभाओं को संबोधित किया। इस बार चुनाव प्रचार का समय 76 दिनों का था, जबकि पांच साल पहले चुनाव में 68 दिन थे।
1 जून को अंतिम चरण का मतदान
आपको बता दें कि साल 2024 लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान 1 जून के दिन होने जा रहा है। इससे पहले गुरुवार शाम चुनाव प्रचार अभियान के समापन के बाद पीएम मोदी कन्याकुमारी पहुंचेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वहां पीएम मोदी विवेकानंद रॉक मेमोरियल जाएंगे, जहां पीएम मोदी 30 मई की शाम से 1 जून की शाम तक ध्यान मंडपम में ध्यान करेंगे। हालांकि पीएम मोदी की इस यात्रा के कार्यक्रम पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल ने सियासत तेज कर दी है। कांग्रेस तो इसको लेकर चुनाव आयोग के भी दरवाजे खटखटा चुकी है।
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