मंगलवार, 08 सितंबर 2026
Logo
National

PM मोदी ने वडोदरा में Gen-Z से किया संवाद, AI और फ्रेट कॉरिडोर पर युवाओं को बताया भारत का विजन

08 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
PM मोदी ने वडोदरा में Gen-Z से किया संवाद, AI और फ्रेट कॉरिडोर पर युवाओं को बताया भारत का विजन
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में करीब 25 मिनट तक Gen-Z युवाओं से संवाद किया और उन्हें झूठे दावों व भ्रामक बातों से सतर्क रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में 6 हजार युवाओं को आमंत्रित किया गया था।


मोदी ने कहा कि युवाओं को सच्चाई का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। उनके बयान को राहुल गांधी और कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर राजनीतिक तंज के तौर पर देखा गया।


Y आकार के रैंप से युवाओं के बीच पहुंचे PM मोदी

कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री के लिए विशेष रूप से Y आकार का रैंप तैयार किया गया था। भाषण शुरू करने से पहले मोदी इसी रैंप से चलते हुए युवाओं के बीच पहुंचे। मंच पर पहुंचते ही माहौल में संगीत का रंग भी दिखा। Queen का लोकप्रिय गीत ‘We Will Rock You’ बजाया गया, जिसके बाद फिल्म ‘धुरंधर’ का ‘आरी आरी’ गाना सुनाई दिया। कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने प्रधानमंत्री को अपनी बनाई तस्वीर भी भेंट की।


युवाओं से बोले- झूठ की गूंज से रहें सावधान

मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोग झूठ को बार-बार दोहराकर उन्हें भ्रमित करने की कोशिश कर सकते हैं। उनका संदेश था कि ऐसी परिस्थितियों में युवाओं को सत्य के पक्ष में मजबूती से खड़ा रहना चाहिए।


उन्होंने कहा, “लोग आपको झूठ की गूंज से गुमराह करने की कोशिश करेंगे, लेकिन आप सच्चाई के साथ खड़े रहना।”


2004 में शुरू हुआ विचार, 2014 तक चलती रहीं फाइलें

प्रधानमंत्री ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए इसके लंबे सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना पर 2004 में विचार शुरू हुआ और 2006 में इसके लिए विशेष कंपनी बनाई गई।


मोदी के मुताबिक, 2014 तक परियोजना से जुड़ी फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक जाती रहीं। 2014 के बाद उनकी सरकार ने काम को गति दी और करीब 2,000 किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा हुआ।


मुंबई से वडोदरा तक माल ढुलाई में बड़ा बदलाव

प्रधानमंत्री ने JNPT मुंबई से डबल कंटेनर मालगाड़ी के संचालन का उदाहरण दिया। उनके अनुसार, एक ट्रेन में भेजा गया माल 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर था और इसे मुंबई से वडोदरा तक पहुंचाया गया।


इस पर उन्होंने “नाराज फूफाजी” का तंज भी किया और कहा कि सवाल उठ सकता है कि इससे ट्रक वालों का क्या होगा। मोदी ने इसके जवाब में देश के अलग-अलग हिस्सों तक माल पहुंचाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी को जरूरी बताया।


अलग ट्रैक से माल और यात्री ट्रेनों की रफ्तार बढ़ी

मोदी ने बताया कि पहले यात्री और मालगाड़ियां एक ही ट्रैक का इस्तेमाल करती थीं। इसका असर दोनों तरह की ट्रेनों की गति पर पड़ता था।


डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर अब रोज करीब 430 मालगाड़ियां चल रही हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि सड़क मार्ग से ट्रक द्वारा माल पहुंचाने में करीब 30 घंटे लगते हैं, जबकि फ्रेट कॉरिडोर के जरिए यही दूरी करीब 10 घंटे में तय हो सकती है।


AI सुपरपावर बनने के लिए पूरा इकोसिस्टम जरूरी

प्रधानमंत्री ने युवाओं के सामने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी अपना दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि भारत को AI का सुपरपावर बनाना है तो केवल तकनीक पर काम करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि इसके लिए पूरा इकोसिस्टम विकसित करना होगा।


इस दिशा में यूरेनियम और रेयर अर्थ मटेरियल की उपलब्धता बढ़ाने के साथ युवाओं की स्किल ट्रेनिंग और अपग्रेडेशन पर काम किए जाने की बात उन्होंने कही।


डिग्री से ज्यादा स्किल पर जोर

मोदी ने युवाओं को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब प्राथमिकता केवल डिग्री हासिल करने की नहीं, बल्कि ऐसी स्किल विकसित करने की है, जो भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो।


पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें