
नई दिल्ली। अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम मोदी ने आज यानी शुक्रवार से विशेष अनुष्ठान का आरंभ कर दिया है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को एक खास संदेश में कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए आज से वह 11 दिन का विशेष अनुष्ठान आरंभ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं बहुत भावुक हैं और अपनी भावनाओं को शब्दों में कह पाना काफी मुश्किल है।
देश में हर किसी को 22 जनवरी का इंतजार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑडियो मैसेज में कहा, 'जीवन के कुछ क्षण ईश्वरीय आशीर्वाद की वजह से ही यथार्थ में बदलते हैं। आज दुनियाभर में भारतीयों के लिए ऐसा ही एक पवित्र अवसर है। हर तरफ प्रभु श्रीराम की भक्ति का अद्भुत वातावरण है।' उन्होंने कहा, 'देश में हर किसी को 22 जनवरी का इंतजार है और अब अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ 11 दिन बचे हैं। मैं अपने जीवन में पहली बार इस तरह के मनोभाव से गुजर रहा हूं। मैं एक अलग ही भाव-भक्ति की अनुभूति कर रहा हूं।'
11 दिनों का विशेष अुष्ठान कर रहा हूं शुरू: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, 'जिस सपने को अनेकों पीढ़ियों ने अपने दिल में सालों तक रखकर जिया है। मुझे उसकी सिद्धि के समय मौजूद होने का अवसर मिल रहा है। जैसा हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है कि हमें ईश्वर की अराधना के लिए खुद में भी दैवीय चेतना जाग्रत करनी होती है।' उन्होंने आगे कहा, 'इसके लिए शास्त्रों में व्रत और कठोर नियम बताए गए हैं। उसके अनुसार मैं आज से 11 दिनों का विशेष अनुष्ठान आरंभ कर रहा हूं। इस पवित्र अवसर पर मैं परमात्मा के श्रीचरणों में प्रार्थना करता हूं।'
नासिक-धाम पंचवटी से शुरू होगा अनुष्ठान
अपने ऑडियो मैसेज में पीएम ने कहा, 'मेरा ये सौभाग्य है कि मैं अपने 11 दिनों के अनुष्ठान का आरंभ मैं नासिक-धाम पंचवटी से कर रहा हूं। पंचवटी वो पावन धरा है, जहां भगवान राम ने काफी वक्त बिताया था। आज मेरे लिए एक सुखद संयोग ये भी है कि आज स्वामी विवेकानंद की जन्मजयंती है।' उन्होंने कहा, 'स्वामी विवेकानंद जी ने ही हजारों वर्षों से आक्रांतित भारत की आत्मा को झकझोरा था। आज वही आत्मविश्वास भव्य राम मंदिर के रूप में हमारी पहचान बनकर सबके सामने है।'
प्रधानमंत्री ने अपनी मां को किया याद
पीएम मोदी ने माता जीजाबाई को भी याद किया और कहा कि सोने पर सुहागा ये है कि आज माता जीजाबाई की जन्म जयंती है। उन्होंने कहा कि माता जीजाबाई ने छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में एक महामानव को जन्म दिया। आज हम भारत को जिस अक्षुण्ण रूप में देख रहे हैं, इसमें माता जीजाबाई का बहुत बड़ा योगदान है।
पीएम ने कहा कि जब मैं माता जीजाबाई को याद कर रहा हूं तो सहज रूप से मुझे अपनी मां की भी याद आ रही है। मेरी मां जीवन के अंत तक माला जपते हुए सीता-राम का ही नाम भजा करती थी। उन्होंने कहा कि लोग अपने शब्दों और भावों को नमो ऐप के जरिए उन तक पहुंचा सकते हैं।
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