महाकुंभ : महाकुंभ में हर कोई डुबकी लगाकर पुण्य कमाना चाहता है । महाकुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेले का आयोजन माना गया है । योगी सरकार की 54 मंत्रियों ने आज संगम में डुबकी लगाई तो वहीं अब प्रधानमंत्री , राष्ट्रपति भी डुबकी लगाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच फरवरी को महाकुंभ मेला का दौरा कर सकते हैं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 27 जनवरी को महाकुम्भ में शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक फरवरी को संगम में डुबकी लगाएंगे। महाकुम्भ नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच फरवरी को आएंगे। प्रधानमंत्री संगम स्नान और गंगा मइया की आरती करेंगे। इसके बाद अक्षयवट, सरस्वती कूप के साथ बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री महाकुम्भ को दिव्य और भव्य बनाने वालों को सम्मानित करेंगे।
अधिकारीयों को दिए सीएम योगी ने ये निर्देश
सीएम योगी ने आज महाकुंभ क्षेत्र का भ्रमण किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। आगामी गणतंत्र दिवस, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर महाकुंभ मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन और संचार तंत्र को और बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता चाहिए। भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से इन विशेष दिवसों पर पांटून पुल पर आवागमन वन-वे रखा जाए।
इन दो स्नान पर्व पर रहेंगे खास इंतजाम
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की आस्था का पूरा सम्मान होना चाहिए। जिसे भी किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, व्यवस्था में लगे लोग आगे बढ़कर मदद करें। रविवार को प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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