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रामलला को लगेगा ननिहाल के चावल का भोग, छत्तीसगढ़ से 11 ट्रकों से 300 टन चावल अयोध्या हुआ रवाना

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रामलला को लगेगा ननिहाल के चावल का भोग, छत्तीसगढ़ से 11 ट्रकों से 300 टन चावल अयोध्या हुआ रवाना

रामलला को लगेगा ननिहाल के चावल का भोग, छत्तीसगढ़ से 11 ट्रकों से 300 टन चावल अयोध्या हुआ रवाना

News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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राजीव श्रीवास्तव

रायपुर। अयोध्या में रामलगा की प्राणप्रतिष्ठा की तैयारी पूरी हो चुकी हैं। 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा काफी खास रहने वाला है। भगवान राम को लगने वाला भोग इस बार कई मायनों में खास होगा. क्योंकि ये भोग चावल से लगेगा। खास बात ये है कि भोग का चावल भगवान राम के ननिहाल से भेजा गया है। आपको बता दें राम मंदिर में छत्तीसगढ़ से चावल भेजे गए हैं। मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के चावल से भगवान राम को भोग लगेगा और देश भर से आने वाले राम भक्तों को प्रसाद भी वितरण किया जाएगा।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवा ध्वज दिखाकर 11 ट्रक रवाना किया। इन ट्रकों से 300 टन चावल छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन की ओर से भेजा गया है।

 

भगवान राम का निनिहाल है छत्तीसगढ़

माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की थी। माना जाता है चंदखुरी गांव भगवान राम के मामा का घर है। मामा का गांव होने की वजह से इस गांव की ऐतिहासिक मान्यता है। कहा जाता है कि यहां भगवान राम अपनी माता कौशल्या की गोंद में बैठे हुए है। इसके अलावा बताया जाता है कि बचपन में भगवान राम अपने ननिहाल में खेले हुए थे जिसकी वजह से गांव भर में भगवान राम से जुड़े हुए स्थान हैं.

 

छत्तीसगढ़ से एक संबंध और भी

माना जाता है भगवान राम ने अपने वनवास के कई साल छत्तीसगढ़ में गुजारे हैं।  कोरिया ज़िले में उनके कई पड़ाव चिन्हित हुए हैं,  इनमें सीतामढ़ी, घाघरा, हरचौका, कनवाई, कोटाडोल, छतौवरा, देवसिल, रामगढ़, सोनहत, बैकुंठपुर और पटना प्रमुख रूप से शामिल हैं। कोरिया ज़िले के जनकपुर इलाके में सीतामढ़ी नाम की एक गुफा है। कहते हैं यहां भी श्रीराम ने अपने वनवास के कुछ दिन गुज़ारे थे। जनकपुर के पास स्थित घाघरा गांव अपने प्राचीन शिव मंदिर के लिए जाना जाता है। यहां भी श्रीराम के आने की बात कही जाती है।

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