
अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित की जाने वाली राम लला की मूर्ति का चयन 29 दिसंबर को किया गया था। हालांकि, जनता को 17 जनवरी को ही ये पता चल पाएगा कि तीन मूर्तियों में से किस मूर्ति को चुना गया है, क्योंकि उस दिन भगवान को धर्म नगरी की 'नगर यात्रा' के लिए बाहर निकाला जाएगा, यानि 17 जनवरी को भगवान की शोभा यात्रा निकाली जाएगी। तब तक मूर्ति की न फोटो और न ही कोई वीडियो रिलीज की जाएगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को बताया कि 29 दिसंबर को वोटिंग के जरिए 11 सदस्यों ने मूर्ति का चुनाव किया। इन सभी 11 सदस्यों ने लिखित में अपना पक्ष ट्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया।
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, "निर्णय ले लिया गया है और मूर्ति का चयन कर लिया गया है। 17 जनवरी तक कोई और जानकारी नहीं दी जाएगी।" ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि 'नगर यात्रा' के दौरान मूर्ति की 'आंखों पर पट्टी' बांधी जाएगी।
हालांकि, इसके पीछे भी एक आध्यात्मिक कारण भी है। ज्योतिषों का कहना है, जब कोई भक्त भगवान के दर्शन करता है, तो वो भगवान की आंखों में देखता है। ऐसे में भगवान और भक्त के भाव का आदान-प्रदान होता है।
ऐसा कहा जाता है, भगवान की आंखों में देखा जाए, तो भगवान भी अपने भक्त के भाव में वशीभूत हो जाते हैं, इसलिए अयोध्या में जब रामलला की यात्रा निकलेगी, तो भगवान की आंखों पर पट्टी बांधी जाएगी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही उनकी आंखों से ये पट्टी खोली जाएगी।
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से एक हफ्ते पहले ही भव्य आयोजनों की शुरुआत हो जाएगी। इसमें 17 जनवरी को रामलला अयोध्या की यात्रा करेंगे। इसके अलावा कई सारे कार्यक्रम होंगे। इस दौरान राम मंदिर ही नहीं, पूरी अयोध्या का माहौल भक्तिमय सराबोर होगा। इसमें करोड़ों लोग हिस्सा लेंगे। आयोजन 22 जनवरी तक होगा।
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