
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को केन्द्रशासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली की राजधानी दमन में संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लिया। इस बैठक में उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर में सभी केंद्रीय कानून पूरी तरह से लागू किए गए हैं। इन कानूनों ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी को समानता और निष्पक्षता की गारंटी दी है।
गृहमंत्री शाह ने कहा कि राज्य में नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था की गई है। गृह और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने जम्मू-कश्मीर के विकास और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जम्मू-कश्मीर के संपूर्ण विकास के प्रति पूरी तरह कटिबद्ध है। जम्मू-कश्मीर के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। अनुच्छेद-370 को निरस्त करना जम्मू-कश्मीर में परिवर्तनकारी कदम साबित हुआ है, जिसके बाद विकास, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक आयामों में व्यापक परिवर्तन देखे गए हैं।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार भारत की सुरक्षा के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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