
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के अंदर 314 किलोमीटर दूर उड़ रहे एक विमान को निशाना बनाया था। रक्षा मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में इसे भारत का सतह से हवा में किया गया सबसे लंबी दूरी का हमला बताया गया है।
रिपोर्ट में विमान को स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट कहा गया है, जबकि वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार यह पाकिस्तान का AWACS विमान था। S-400 ने खतरे को ट्रैक करने के बाद लंबी दूरी की मिसाइल से उसे निशाना बनाया।
314 किमी दूर तक पहुंची S-400 की मार
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान पाकिस्तान के भीतर 314 किमी की दूरी पर था। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इतनी दूर मौजूद लक्ष्य को ट्रैक कर कार्रवाई की।
रिपोर्ट इस घटना को भारत की ओर से सतह से हवा में किया गया अब तक का सबसे लंबी दूरी का हमला बताती है। इससे एयर डिफेंस की लंबी दूरी तक लक्ष्य भेदने की क्षमता सामने आई।
गिराया गया विमान AWACS था
रक्षा मंत्रालय ने अपने दस्तावेज में विमान की पहचान स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट के तौर पर की है। वायुसेना के अधिकारी पहले इसे पाकिस्तान का AWACS विमान बता चुके हैं। AWACS ऐसा एयरबोर्न सिस्टम है जो आसमान में मौजूद खतरों और लक्ष्यों की निगरानी के साथ हवाई कमांड सेंटर की भूमिका निभाता है।
7 से 10 मई तक चला ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ 7 से 10 मई तक ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस अभियान में भारतीय सेना ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
S-400 ने ऐसे साधा लक्ष्य
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, S-400 ने पाकिस्तानी विमान से पैदा हुए खतरे को ट्रैक किया। इसके बाद लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने के लिए गाइड किया गया। यह कार्रवाई S-400 की उस क्षमता को सामने लाती है, जिसके तहत सिस्टम काफी दूरी पर मौजूद हवाई लक्ष्यों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकता है।
IACCS ने संभाला पूरा एयर डिफेंस नेटवर्क
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की हवाई सुरक्षा व्यवस्था में IACCS की अहम भूमिका रही। इसी नेटवर्क के जरिए एयर डिफेंस से जुड़ी गतिविधियों को कंट्रोल और कोऑर्डिनेट किया गया।
IACCS ने सैन्य तथा नागरिक रडार से प्राप्त सूचनाओं को एकीकृत किया। इससे आसमान में मौजूद विमानों और अन्य संभावित लक्ष्यों की पहचान बेहतर तरीके से की जा सकी।
वायुसेना के नेटवर्क और प्रशिक्षित अधिकारियों ने सैन्य एवं नागरिक विमानों के बीच अंतर करने में भी मदद की। इसका उद्देश्य सिविल विमान को गलती से निशाना बनाए जाने की आशंका को कम करना था।
पाकिस्तान के नागरिक एयरस्पेस पर भारत का आरोप
रिपोर्ट में भारत ने संघर्ष के दौरान पाकिस्तान पर अपना नागरिक एयरस्पेस खुला रखने का आरोप लगाया है। इसके बावजूद वहां सिविल फ्लाइट्स का संचालन जारी रहने की बात कही गई।
भारत की सटीक सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से तनाव कम करने और दुश्मनी खत्म करने की अपील किए जाने का भी रिपोर्ट में उल्लेख है।
भारत की रणनीति को बताया ‘सैन्य ताकत दिखाकर दबाव बनाना’
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में भारत की कार्रवाई को ‘सैन्य ताकत दिखाकर दबाव बनाना’ वाली रणनीति से जोड़ा गया है। इसका आशय ऐसी सैन्य क्षमता प्रदर्शित करने से है, जिससे सामने वाले देश पर अपनी कार्रवाई रोकने या रुख बदलने का दबाव बने।
S-400 ट्रायम्फ की खासियत क्या है?
S-400 ट्रायम्फ रूस का एडवांस्ड मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। इसे 2007 में लॉन्च किया गया था। यह सिस्टम कई प्रकार के हवाई खतरों से निपटने के लिए बनाया गया है, जिनमें शामिल हैं:
फाइटर जेट
बैलिस्टिक मिसाइल
क्रूज मिसाइल
ड्रोन
स्टेल्थ विमान
इसी बहुस्तरीय क्षमता के कारण S-400 को आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में शामिल किया जाता है।
भारत में कहां तैनात हैं S-400?
भारत के पास वर्तमान में 3 S-400 स्क्वाड्रन हैं। दी गई जानकारी के अनुसार प्रत्येक स्क्वाड्रन में 256 मिसाइल हैं और इन्हें अलग-अलग सीमाई क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
पहली स्क्वाड्रन — पंजाब
पहली S-400 स्क्वाड्रन पंजाब में तैनात है। रूस ने भारत को पहली स्क्वाड्रन 2021 में सौंपी थी। इसकी तैनाती का उद्देश्य पाकिस्तान और चीन, दोनों दिशाओं से आने वाले संभावित हवाई खतरों से सुरक्षा करना है।
दूसरी स्क्वाड्रन — सिक्किम
दूसरी स्क्वाड्रन सिक्किम में चीन सीमा के पास तैनात है। भारत को यह खेप जुलाई 2022 में मिली थी। इस क्षेत्र से चिकन नेक पर भी निगरानी रखी जाती है।
तीसरी स्क्वाड्रन — पश्चिमी सीमा
तीसरी S-400 स्क्वाड्रन की तैनाती राजस्थान-गुजरात या पंजाब/राजस्थान सीमा क्षेत्र में बताई गई है। इसकी खेप भारत को फरवरी 2023 में मिली थी। इस स्क्वाड्रन से पश्चिमी सीमा की हवाई सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
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