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संत प्रेमानंद महाराज के 10 से 14 मार्च तक नहीं होंगे दर्शन, सोशल मीडिया पर दी जानकारी

09 मार्च, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
संत प्रेमानंद महाराज के 10 से 14 मार्च तक नहीं होंगे दर्शन, सोशल मीडिया पर दी जानकारी

संत प्रेमानंद महाराज के 10 से 14 मार्च तक नहीं होंगे दर्शन, सोशल मीडिया पर दी जानकारी

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने आगामी होली के पर्व को ध्यान में रखते हुए अपनी पदयात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया है। अब 10 मार्च से 14 मार्च 2025 तक उनके दर्शन नहीं हो सकेंगे।


महाराज का यह फैसला उनके स्वास्थ्य और होली के दौरान वृंदावन में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भक्तों से इन दिनों में उनके दर्शन के लिए न आने की अपील की है।


सोशल मीडिया पर दी जानकारी

प्रेमानंद महाराज ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस निर्णय की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि होली के दौरान वृंदावन में लाखों श्रद्धालु ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन करने आते हैं, जिससे सड़कों पर अत्यधिक भीड़ होती है।

ऐसे में स्वास्थ्य कारणों और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।


होली में वृंदावन की भीड़ से स्वास्थ्य पर खतरा

✔ रंग भरनी एकादशी और होली पर्व के दौरान वृंदावन में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

✔ भारी भीड़ के कारण चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

✔ महाराज ने अपने अनुयायियों से अपील की है कि वे इन दिनों में दर्शन के लिए न आएं और उनकी सेहत के लिए प्रार्थना करें।


भक्तों की प्रतिक्रियाएं – श्रद्धा और समर्थन बरकरार

प्रेमानंद महाराज के इस फैसले पर भक्तों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

✔ कई श्रद्धालु उनकी सेहत की सलामती की दुआ कर रहे हैं।

✔ एक भक्त ने लिखा – “गुरु जी ठीक रहें, यही हमारी सबसे बड़ी इच्छा है।”

✔ दूसरे भक्त ने कहा – “भगवान आपको स्वस्थ रखें, हम आपकी यात्रा का इंतजार करेंगे।”

हालांकि दर्शन स्थगित होने से भक्तों में निराशा जरूर है, लेकिन वे महाराज के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित भी हैं।


प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा – श्रद्धालुओं में बनी रहेगी आस्था

प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा और प्रवचन हजारों श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत हैं। उनके इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हैं और भक्तों की सुरक्षा और सुविधा का भी विशेष ध्यान रखते हैं।


अब सभी भक्त 15 मार्च के बाद उनके पुनः दर्शन और प्रवचनों का इंतजार करेंगे।

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