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सितंबर 2026 के 7 बड़े बदलाव: LPG, दूध, कार और CNG महंगे

01 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सितंबर 2026 के 7 बड़े बदलाव: LPG, दूध, कार और CNG महंगे
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। 1 सितंबर 2026 से देश में रोजमर्रा के खर्च और यात्रा से जुड़े कई नियम व कीमतें बदल गई हैं। कॉमर्शियल LPG सिलेंडर, कुछ जगहों पर दूध, CNG-PNG और कारों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।


इसके साथ विदेश यात्रा के दौरान इमिग्रेशन प्रक्रिया में बदलाव हुआ है, जबकि LPG e-KYC की समयसीमा भी खत्म हो चुकी है। हवाई ईंधन महंगा होने से आने वाले दिनों में एयर टिकट की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।


कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम बढ़े

तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर औसतन ₹11.50 तक महंगा किया है। कोलकाता में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत अब ₹2,884 हो गई है, जो पहले ₹2,872.50 थी। 5 किलो वाले LPG सिलेंडर के रिफिल की कीमत भी ₹2 बढ़कर ₹764 हो गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार के खर्च पर पड़ सकता है। चाय-नाश्ते से लेकर थाली और शादी समारोहों की कैटरिंग तक की कीमतें बढ़ने की संभावना है।


मुंबई में थोक दूध ₹9 महंगा

मुंबई में बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने 1 सितंबर से थोक दूध का भाव ₹93 से बढ़ाकर ₹102 प्रति लीटर कर दिया है। यह नई दर 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। तमिलनाडु में एविंस दूध के खरीद मूल्य में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। यह भाव ₹41 से बढ़कर ₹44 प्रति लीटर हो गया है। दो सप्ताह से कम समय में यह दूसरी बढ़ोतरी है और कुल वृद्धि ₹6 प्रति लीटर हो चुकी है।


दूध की कीमत बढ़ने के पीछे पशुओं के हरे चारे, भूसे और खली के बढ़े दाम के अलावा रखरखाव और परिवहन लागत में हुई वृद्धि बताई गई है।


मुंबई में थोक कीमत बढ़ने का असर खुदरा बाजार पर पड़ सकता है। त्योहारों से पहले दही, पनीर और मिठाइयों जैसे डेयरी उत्पादों की लागत बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित हो सकता है।


LPG e-KYC की समयसीमा खत्म

घरेलू LPG ग्राहकों के लिए e-KYC पूरी करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 थी। तेल कंपनियों ने ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। जिन उपभोक्ताओं ने बायोमेट्रिक पहचान पूरी नहीं कराई है, उनकी LPG सब्सिडी रुक सकती है। गैस की उपलब्धता में भी दिक्कत हो सकती है। हालांकि, e-KYC नहीं होने पर सिलेंडर बुकिंग तत्काल बंद होगी या नहीं, यह संबंधित कंपनी के नियमों पर निर्भर करेगा। जिन लोगों की प्रक्रिया बाकी है, उन्हें गैस एजेंसी से जल्द संपर्क करने की सलाह दी गई है।


विदेश यात्रा में बोर्डिंग पास पर स्टैम्प की जरूरत नहीं

विदेश जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए 1 सितंबर 2026 से इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगवाने की आवश्यकता खत्म कर दी गई है। यात्री अब इमिग्रेशन के दौरान अपने मोबाइल फोन पर ई-बोर्डिंग पास दिखा सकेंगे। पासपोर्ट, वीजा और सुरक्षा जांच से जुड़े मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। डिजिटल प्रक्रिया से एयरपोर्ट पर प्रस्थान प्रक्रिया तेज होने और इमिग्रेशन काउंटर पर भीड़ कम होने की उम्मीद है।


Tata और Hyundai की कारें महंगी

टाटा मोटर्स ने 1 सितंबर से अपनी कारों के सभी मॉडल और वैरिएंट की कीमतों में ₹25,000 तक की वृद्धि की है। हुंडई मोटर इंडिया ने भी वाहनों के दाम 1% तक बढ़ाए हैं। कंपनियों के मुताबिक कच्चे माल की लागत, ऑपरेटिंग कॉस्ट और महंगाई के दबाव को देखते हुए कीमतों में यह बदलाव किया गया है।


नई कार या SUV खरीदने वाले ग्राहकों को अब ज्यादा भुगतान करना होगा। वास्तविक बढ़ोतरी मॉडल और वैरिएंट के अनुसार अलग-अलग होगी, इसलिए खरीद या बुकिंग से पहले नई कीमत देखना जरूरी होगा।


मुंबई में CNG-PNG भी महंगी

महानगर गैस लिमिटेड यानी MGL ने 1 सितंबर की आधी रात से CNG के दाम में ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में नई कीमत ₹88 प्रति किलोग्राम हो गई है। घरेलू PNG की कीमत भी ₹1 प्रति SCM बढ़ाई गई है।


कंपनी ने कीमत बढ़ने के पीछे मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस की बढ़ी कीमतों और CNG की मांग पूरी करने के लिए महंगे आयातित LNG यानी RLNG पर बढ़ती निर्भरता को वजह बताया है।


इसका असर:

  1. महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, रायगढ़ समेत 6 जिलों में CNG वाहनों पर पड़ेगा।

  2. कर्नाटक के 2 जिलों में भी CNG उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे।

  3. कुल करीब 13 लाख CNG वाहन चालक अतिरिक्त खर्च झेलेंगे।

  4. PNG महंगी होने से मुंबई और आसपास के करीब 30 लाख परिवारों पर असर पड़ेगा।


ATF की कीमत बढ़ी, हवाई सफर महंगा होने का खतरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच देश में एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के दाम लगातार दूसरे महीने बढ़ाए गए हैं। ATF की कीमत ₹6.28 प्रति लीटर यानी 5.46% बढ़ी है। इसके बाद कीमत ₹115 से बढ़कर ₹121.28 प्रति लीटर हो गई है।


एयरलाइन कंपनियों के कुल ऑपरेटिंग खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 35% से 40% रहती है। इसलिए ATF महंगा होने से विमान कंपनियों की लागत बढ़ सकती है।


इस अतिरिक्त खर्च का कुछ हिस्सा यात्रियों पर डाला गया तो आने वाले दिनों में हवाई टिकट की कीमतें बढ़ सकती हैं।

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