
नई दिल्ली। भारत सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने NEET और पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में व्यापक चर्चा की वकालत की है। उन्होंने कहा कि सरकार हर नियम के तहत चर्चा के लिए तैयार है और युवाओं से जुड़े सभी विषयों पर खुलकर संवाद होना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना है। साथ ही पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दोहराया।
सरकार चर्चा के लिए तैयार
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य और युवाओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए संसद में व्यापक चर्चा जरूरी है। उनके अनुसार, सरकार NEET और पेपर लीक समेत सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा करने के पक्ष में है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हर संसदीय नियम के तहत चर्चा के लिए अपनी सहमति दी है, लेकिन विपक्ष इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होना चाहता।
विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार अपना रुख बदल रहा है और सदन में चर्चा से बच रहा है। उनका कहना था कि विपक्ष को आशंका है कि बहस होने पर उसकी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि राजनीतिक माहौल बनाना और अराजकता फैलाना है।
छात्रों के हित को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्रों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने दोहराया कि सरकार बेटा-बेटियों और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
पेपर लीक के दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कृषि मंत्री ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर क्या बोले
शिवराज सिंह चौहान ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया। उनका कहना था कि इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठाकर छात्रों के हित में देखा जाना चाहिए।
विपक्ष से सदन में आने की अपील
उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह संसद में उपस्थित होकर पेपर लीक सहित सभी विषयों पर खुलकर चर्चा करे। उनके अनुसार, युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए संवाद और बहस ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
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