
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया । कोर्ट ने कहा कि ये संविधान द्वारा प्रदान की गई सूचना के अधिकार और बोलने तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करती है। दूरगामी परिणाम वाले इस ऐतिहासिक फैसले में भारतीय स्टेट बैंक को छह वर्ष पुरानी योजना में दान देने वालों के नामों की जानकारी निर्वाचन आयोग को देने के निर्देश दिए है। इसी के साथ ही कहा कि जानकारी में यह भी शामिल होना चाहिए कि किस तारीख को यह बॉन्ड भुनाया गया और इसकी राशि कितनी थी। साथ ही पूरा विवरण छह मार्च तक निर्वाचन आयोग के समक्ष पेश किया जाना चाहिए।
चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस जे बी पारदीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा की पांच जजों की संविधान पीठ ने योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दो अलग-अलग लेकिन सर्वसम्मत फैसले सुनाया। पिछले साल 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की नवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
आपको बताते हैं कि चुनावी बॉंन्ड क्या था
यह एक वचन पत्र की तरह होता था जिसे भारत का कोई भी नागरिक या कंपनी भारतीय स्टेट बैंक की चुनिंदा शाखाओं से खरीद सकता था। और अपनी पसंद के किसी भी राजनीतिक दल को गुमनाम तरीके से दान कर सकता था। इन पर कोई ब्याज भी नहीं लगता था। यह 1000 10000 एक लाख दस लाख और एक करोड़ रुपयों के मूल्य में उपलब्ध थे।
इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए अब तक 5851 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। इस साल मई में 822 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। जनवरी से लेकर मई 2019 तक भारतीय स्टेट बैंक की विभिन्न शाखाओं के जरिये 4794 रुपये के बॉन्ड खरीदे गए।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने राजनीतिक दलों को मिलने वाले डोनेशन की रिपोर्ट जारी की है। जिसके मुताबिक 2022-23 में बीजेपी को लगभग 720 करोड़ रुपये का डोनेशन मिले हैं।
बीजेपी को मिली राशि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया और नेशनल पीपुल्स पार्टी को मिले डोनेशन से पांच गुना अधिक है। आपको बता दें, फाइनेंशियल ईयर में 20 हजार से अधिक का डोनेशन मिलने पर रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टियों को खुलासा करना होता है। 2022-23 में नेशनल पार्टियों को कुल 850.43 करोड़ रुपए डोनेशन में मिले हैं।
ADR के मुताबिक, कुल डोनेशन में कांग्रेस ने 79.92 करोड़ रुपये मिलने की घोषणा की है। कुल 12 हजार 167 डोनेशन में बीजेपी को 7,945 और कांग्रेस को 894 डोनेशन से ये रकम हासिल हुई है। जबकी BSP ने सिर्फ 20 हजार रुपये चंदा मिलने की घोषणा की है।
जबकि भारतीय जनता पार्टी को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए 2022-23 में कुल 1300 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है। जबकि इन्हीं बॉन्ड के जरिए कांग्रेस को 171 करोड़ रुपए का फंड मिला है। यह जानकारी चुनाव आयोग ने शेयर की है।
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